UK: फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र से बन गए गुरुजी, सात माह से ले रहे वेतन; दो युवतियां समेत तीन ने हथिया ली नौकरी
पिथौरागढ़ में शिक्षा विभाग में फर्जी टीईटी प्रमाण पत्रों के आधार पर एक युवक और दो युवतियों ने सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली और सात महीने से वेतन भी ले रहे हैं। प्रशासन ने इस घोटाले को बेनकाब किया है।
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देवभूमि के पिथौरागढ़ जिले से शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां फर्जी टीईटी प्रमाण पत्रों के सहारे सरकारी शिक्षक बनने का बड़ा घोटाला बेनकाब हुआ है। प्रथम चरण की जांच में यह पुख्ता हो गया है कि एक युवक और दो युवतियों ने जाली दस्तावेजों के दम पर नौकरी हासिल की जबकि असली और योग्य युवा बेरोजगारी का दर्द झेलने को विवश रहे। यही नहीं ये फर्जी शिक्षक बीते सात महीने से वेतन भी ले रहे हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गया है और जल्द ही इन फर्जी शिक्षकों को निलंबित कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
बीते जनवरी महीने में सीमांत जिले में 72 प्राथमिक शिक्षकों की तैनाती हुई। बीते दिनों जब इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच हुई तो तीन शिक्षक ऐसे मिले जिन्होंने फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र के जरिये सरकारी नौकरी हथिया ली। गंगोलीहाट विकासखंड के खेतीगांव नवीन, टुंडाचौरा और राम मंदिर प्राथमिक विद्यालय में तैनात दो शिक्षिकाओं और एक शिक्षक का टीईटी का प्रमाण पत्र जाली मिला है।
जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वाले इन फर्जी शिक्षकों ने पहाड़ के अन्य युवाओं के हक पर खुला डाका डाला है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर ये शिक्षक बन गए और मेहनत करने वाले अभ्यर्थी बेरोजगारी की मार झेलते के लिए मजबूर हैं। अब इनका काला कारनामा सामने आ चुका है तो विभाग ने इन्हें नोटिस जारी किया है। जल्द ही विभाग इन्हें निलंबित कर इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा।
चार संदिग्ध अभी रडार पर, गंगोलीहाट हॉटस्पॉट
सूत्रों के मुताबिक, फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षक बनने वाले चार संदिग्ध विभाग की रडार पर हैं। स्पष्ट है कि संबंधित चार शिक्षकों ने भी फर्जी प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी हथियाई है। जल्द ही विभाग इन्हें भी नोटिस जारी कर इनके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई करेगा। हैरानी की बात यह है कि सभी फर्जी शिक्षक गंगोलीहाट विकासखंड में तैनात हैं। ऐसे में साफ है कि इस फर्जीवाड़े का गंगोलीहाट विकासखंड हॉटस्पॉट बना है।
अन्य का टीईटी प्रमाण पत्र स्कैन कर सिस्टम की आखों में झोंकी धूल
शिक्षा विभाग के मुताबिक, रामनगर बोर्ड ही टीईटी प्रमाण पत्र जारी करता है। जिले के विद्यालयों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के पास भी रामनगर बोर्ड का टीईटी प्रमाण पत्र है। जब इनकी बारीकी से जांच हुई तो सामने आया कि फर्जी शिक्षकों ने बड़ी चालाकी से जाली प्रमाण पत्र तैयार किए। किसी अन्य का टीईटी प्रमाण पत्र मांगा और इसे स्कैन कर इनमें अपना नाम दर्ज कर लिया।
जांच में तीन शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। इस खेल में अन्य भी शामिल हो सकते हैं जिनकी जांच चल रही है। सभी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़