UK: विजिलेंस ने दोनों को नोटिस देकर छोड़ा, हल्द्वानी सेक्टर के थाने से FIR दर्ज करने के बाद पहुंची थी टीम
सितारगंज में 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में विजिलेंस ने संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक के खिलाफ गोपनीय जांच के बाद मुकदमा दर्ज की और ट्रैप कार्रवाई की।
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सितारगंज तहसील में 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक के खिलाफ कार्रवाई करने वाली विजिलेंस के अधिकारियों ने चुप्पी तोड़ी है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार दोनों कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद पहले गोपनीय जांच कराई गई थी। जांच के आधार पर हल्द्वानी सेक्टर के विजिलेंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई।
हल्द्वानी सेक्टर की विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम करीब तीन बजे सितारगंज तहसील में कार्रवाई कर संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में पकड़ा था। कार्रवाई की सूचना के बाद जिलेभर के तहसील कर्मचारी विरोध में उतर आए। कर्मचारियों ने बुधवार रात से बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक विजिलेंस टीम को तहसील परिसर में रोके रखा।
बाद में प्रशासन और विजिलेंस अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। इसके बाद टीम दोनों कर्मचारियों को मौके से छोड़कर लौट गई। मामले में विजिलेंस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए एसपी विजिलेंस, हल्द्वानी सेक्टर दीपशिखा अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई नियमानुसार की गई थी।
उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गोपनीय जांच के लिए टीम गठित की गई थी। जांच के बाद विजिलेंस थाने में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की ओर से बताया गया कि दोनों कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में सरकारी धन की वसूली भी शामिल है।
एसपी ने बताया कि दोनों कर्मचारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है। नोटिस के तहत जांच के दौरान बुलाए जाने पर दोनों कर्मचारियों को उपस्थित होना होगा। मामले की विवेचना जारी है।
विजिलेंस ने नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान विरोध हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र के संबंध में जानकारी दी गई। दोनों कर्मचारियों को नोटिस देकर छोड़ा गया है। मामले की विवेचना जारी है। -दीपशिखा अग्रवाल, एसपी विजिलेंस, हल्द्वानी सेक्टर
जब साक्ष्य थे तो फिर क्यों डरी विजिलेंस, सवालों में घिरा घटनाक्रम
तहसील सितारगंज में 14 हजार रुपये के कथित रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस की कार्रवाई दो दिन तक चले गतिरोध के बाद बिना गिरफ्तारी के समाप्त हो गई। कर्मचारियों के विरोध और मौके पर सामने आए घटनाक्रम के बाद अब विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
यदि विजिलेंस के पास आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य थे तो कार्रवाई गिरफ्तारी तक क्यों नहीं पहुंची यह भी सवालों के घेरे में है। दूसरी ओर यदि मौके पर ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे प्रकरण की स्थिति बदल गई तो ट्रैप से पहले सभी पहलुओं की जांच क्यों नहीं की गई।
घटनाक्रम के बाद ट्रैप कार्रवाई की जद में आए दोनों कर्मचारी अगले दिन अपने नियमित कार्य पर लौट आए और तहसील का कामकाज भी सामान्य रूप से शुरू हो गया। मामले में अब तक संबंधित एजेंसी की ओर से कार्रवाई के इस तरह समाप्त होने को लेकर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।ये सवाल भी मांग रहे जवाबसितारगंज। प्रकरण में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। शिकायत के आधार का कितना सत्यापन किया गया था? बरामद 14 हजार रुपये की वास्तविक प्रकृति क्या थी? ट्रैप के बाद गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी? क्या इस घटनाक्रम के बाद विजिलेंस अपनी ट्रैप प्रक्रिया और कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी? इन सवालों के जवाब जांच और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।