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चारधाम यात्रा : तैयारियों में देरी और स्पष्ट गाइडलाइन न होने से व्यवसायी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 10 Mar 2026 06:42 PM IST
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सीमित संख्या और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था को लेकर बनी है असमंजस की स्थिति
बड़कोट। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब लगभग एक महीना ही शेष रह गया है लेकिन यात्रा की तैयारी धरातल पर अधूरी नजर आ रही है। धाम में यात्रियों की सीमित संख्या और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश जारी न होने पर यात्रियों और यात्रा व्यवसायियों में संशय की स्थिति बनी है।
चारधाम यात्रा से जुड़े मनमोहन उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, सोबन राणा, मोहन सिंह पंवार, मुकेश चौहान आदि का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से धाम में दर्शन के लिए सीमित संख्या और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था के चलते कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। कई बार श्रद्धालुओं को पंजीकरण न मिलने या संख्या पूरी हो जाने के कारण यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बार कपाट खुलने की तिथि नजदीक आने के बावजूद अभी तक होटलों की बुकिंग लगभग 10 प्रतिशत ही मिली है।
यदि जल्द ही सरकार की ओर से यात्रा व्यवस्था, यात्रियों की संख्या और पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो इसका सीधा असर यात्रा से जुड़े होटल व्यवसायियों, दुकानदारों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, वाहन स्वामियों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।
बीते वर्ष तो यह आलम रहा कि यमुनोत्री रूट पर लीज पर लिए गए करीब दर्जन होटल, ढाबे मालिकों को एक महीने बाद ही अपना सामान समेट कर भागना पड़ा। उन्होंने शासन प्रशासन से समय रहते हुए जल्द सीमित संख्या आदि को लेकर दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि सभी बिंदुओं को लेकर जल्द एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात करेगा।
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बड़कोट। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब लगभग एक महीना ही शेष रह गया है लेकिन यात्रा की तैयारी धरातल पर अधूरी नजर आ रही है। धाम में यात्रियों की सीमित संख्या और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश जारी न होने पर यात्रियों और यात्रा व्यवसायियों में संशय की स्थिति बनी है।
चारधाम यात्रा से जुड़े मनमोहन उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, सोबन राणा, मोहन सिंह पंवार, मुकेश चौहान आदि का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से धाम में दर्शन के लिए सीमित संख्या और अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था के चलते कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। कई बार श्रद्धालुओं को पंजीकरण न मिलने या संख्या पूरी हो जाने के कारण यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बार कपाट खुलने की तिथि नजदीक आने के बावजूद अभी तक होटलों की बुकिंग लगभग 10 प्रतिशत ही मिली है।
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यदि जल्द ही सरकार की ओर से यात्रा व्यवस्था, यात्रियों की संख्या और पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो इसका सीधा असर यात्रा से जुड़े होटल व्यवसायियों, दुकानदारों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, वाहन स्वामियों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।
बीते वर्ष तो यह आलम रहा कि यमुनोत्री रूट पर लीज पर लिए गए करीब दर्जन होटल, ढाबे मालिकों को एक महीने बाद ही अपना सामान समेट कर भागना पड़ा। उन्होंने शासन प्रशासन से समय रहते हुए जल्द सीमित संख्या आदि को लेकर दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि सभी बिंदुओं को लेकर जल्द एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात करेगा।