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Uttarkashi News: गंगोत्री हाईवे व बस्ती तक पहुंची जंगलों की आग
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 28 May 2026 07:43 PM IST
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गेस्ट हाउस में धुंआ फैलने पर राजस्थान के 70 यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया
बड़ेथी के पोखू देवता के समीप के जंगलोें मेें भड़की है आग
उत्तरकाशी। जनपद में बीती बुधवार देर रात से जिला मुख्यालय के आसपास सहित विभिन्न रेंज के जंगल बृहस्पतिवार शाम तक जलते रहे। देर रात में बड़ेथी के पोखू देवता के समीप के जंगलोें मेें फैली आग आवासीय बस्ती और गंगोत्री हाईवे के समीप पहुंच गई थी। सूचना मिलने पर अग्निशमन सहित वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान नजदीकी गेस्ट हाउस में धुंआ फैलने के कारण वहां रुके राजस्थान के 70 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र रावत ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। साथ ही आसपास के लोगों को वनाग्नि फैलने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को कहा गया। यह सिलसिला बृहस्पतिवार दिन भर जारी रहा। उत्तरकाशी वन प्रभाग के बाड़ाहाट सहित डुंडा, मुखेम और धरासू रेंज में अलग स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं देखने को मिली।
सुबह से ही मुखेम रेंज के दिलसौड, डांग व दिखोली बैंड के जंगलों में भीषण आग देखने को मिली। दिलसौड़ और डांग के जंगलों की आग पर वन विभाग के कर्मचारियों ने काबू पा लिया है। साथ ही दिखोली बैंड में अग्निशमन सहित वन विभाग और एसडीआरएफ की ओर से आग बुझाने का प्रयास जारी है। धरासू के जोगत आदि क्षेत्रोें में भी आग पर काबू पा लिया गया है।
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दूसरी ओर बृहस्पतिवार दोपहर बाद नगर क्षेत्र में ज्ञानसू टैक्सी स्टैंड के समीप तांबाखानी की पहाड़ी पर भी आग फैल गई। वहां पर वन विभाग सहित एनडीआरएफ के जवानों की ओर से आग पर नियंत्रण करने का प्रयास जारी है। साथ ही साल्ड रोड के जंगलों में भी आग फैली हुई है। वनाग्नि की अधिकांश घटनाएं आबादी क्षेत्र के आसपास देखने को मिल रही हैं।
घटनाओं में वन संपदा को अधिक नुकसान होने के लिए इंसानों और जानवरों के लिए बड़ा खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए शासन-प्रशासन को ठोस योजनाएं तैयार करनी चाहिए। डीएफओ डीपी बलूनी का कहना है कि दिलसौड़, डांग और जोगत में आग पर नियंत्रण कर लिया गया है। अन्य स्थानों पर प्रयास जारी है। विभाग इसके लिए लोगों की जनसहभागिता की अपील के साथ ही ड्रोन आदि का प्रयोग कर रहा है।
बड़ेथी के पोखू देवता के समीप के जंगलोें मेें भड़की है आग
उत्तरकाशी। जनपद में बीती बुधवार देर रात से जिला मुख्यालय के आसपास सहित विभिन्न रेंज के जंगल बृहस्पतिवार शाम तक जलते रहे। देर रात में बड़ेथी के पोखू देवता के समीप के जंगलोें मेें फैली आग आवासीय बस्ती और गंगोत्री हाईवे के समीप पहुंच गई थी। सूचना मिलने पर अग्निशमन सहित वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान नजदीकी गेस्ट हाउस में धुंआ फैलने के कारण वहां रुके राजस्थान के 70 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र रावत ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। साथ ही आसपास के लोगों को वनाग्नि फैलने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को कहा गया। यह सिलसिला बृहस्पतिवार दिन भर जारी रहा। उत्तरकाशी वन प्रभाग के बाड़ाहाट सहित डुंडा, मुखेम और धरासू रेंज में अलग स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं देखने को मिली।
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सुबह से ही मुखेम रेंज के दिलसौड, डांग व दिखोली बैंड के जंगलों में भीषण आग देखने को मिली। दिलसौड़ और डांग के जंगलों की आग पर वन विभाग के कर्मचारियों ने काबू पा लिया है। साथ ही दिखोली बैंड में अग्निशमन सहित वन विभाग और एसडीआरएफ की ओर से आग बुझाने का प्रयास जारी है। धरासू के जोगत आदि क्षेत्रोें में भी आग पर काबू पा लिया गया है।
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दूसरी ओर बृहस्पतिवार दोपहर बाद नगर क्षेत्र में ज्ञानसू टैक्सी स्टैंड के समीप तांबाखानी की पहाड़ी पर भी आग फैल गई। वहां पर वन विभाग सहित एनडीआरएफ के जवानों की ओर से आग पर नियंत्रण करने का प्रयास जारी है। साथ ही साल्ड रोड के जंगलों में भी आग फैली हुई है। वनाग्नि की अधिकांश घटनाएं आबादी क्षेत्र के आसपास देखने को मिल रही हैं।
घटनाओं में वन संपदा को अधिक नुकसान होने के लिए इंसानों और जानवरों के लिए बड़ा खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए शासन-प्रशासन को ठोस योजनाएं तैयार करनी चाहिए। डीएफओ डीपी बलूनी का कहना है कि दिलसौड़, डांग और जोगत में आग पर नियंत्रण कर लिया गया है। अन्य स्थानों पर प्रयास जारी है। विभाग इसके लिए लोगों की जनसहभागिता की अपील के साथ ही ड्रोन आदि का प्रयोग कर रहा है।