{"_id":"6a17d961cc31c2acce04a337","slug":"sick-woman-carried-11-km-on-a-makeshift-stretcher-to-reach-road-seva-village-uttarkashi-himachal-pradesh-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi: अनदेखी: 11 किलोमीटर का पैदल सफर और डंडी-कंडी पर टिकीं सांसें, दर्द से कराहती रही बीमार महिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi: अनदेखी: 11 किलोमीटर का पैदल सफर और डंडी-कंडी पर टिकीं सांसें, दर्द से कराहती रही बीमार महिला
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी।
Published by: Renu Saklani
Updated Thu, 28 May 2026 01:16 PM IST
विज्ञापन
सार
दर्द से कराहती बीमार महिला को इलाज के लिए पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को 11 किमी का पैदल सफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने आनन-फानन में डंडी-कंडी तैयार की और उन्हें उसके माध्यम से धौला तक करीब सड़क तक पहुंचाया।
महिला को ले जाते ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मोरी विकासखंड के हिमाचल प्रदेश से सटे सेवा गांव में एक बीमार महिला को डंडी-कंडी पर 11 किमी पैदल दूरी तय कर सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद उन्हें वाहन से मोरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस वर्ष पूर्व धौला से सेवा के लिए सड़क का काम शुरू भी हुआ लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे आज भी ग्रामीण सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सेवा गांव निवासी जगदीप फौजियान ने बताया कि बीते मंगलवार को खंतरा देवी उम्र 56 वर्ष की अचानक तबीयत खराब हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेज बुखार, उल्टी-दस्त के साथ ही उनका पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया था। उसके बाद ग्रामीणों ने आनन-फानन में डंडी-कंडी तैयार की और उन्हें उसके माध्यम से धौला तक करीब सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि सेवा से धौला तक की पैदल दूरी करीब 11 किमी है। साथ ही पैदल मार्ग संकरा और खड़ी पहाड़ी पर पगडंडी होने पर वहां से आवाजाही में खतरा बना रहता है।
Trending Videos
कई बार बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते
बीमार महिला को उसके बाद वाहन से मोरी अस्पताल पहुंचाने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। कहा कि यह पहली बार नहीं है कि किसी बीमार को डंडी-कंडी के माध्यम से सड़क तक पहुंचाया गया हो। इससे पूर्व भी हर बार बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए यही माध्यम है।
ये भी पढे़ं...Uttarkashi: बड़ेथी में जंगल की भीषण आग बस्ती और हाईवे तक पहुंची, गेस्ट हाउस से 70 यात्रियों को सुरक्षित निकाला
इस दौरान कई बार बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। बरसात में तो गांव का संपर्क देश-दुनिया से कट जाता है। गांव के लिए करीब दस वर्ष पूर्व धौला से सड़क का कार्य शुरू किया गया था लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दौरियाल ने बताया कि सेवा गांव की सड़क निर्माण का कार्य जारी है। कोशिश है कि जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।