Rishikesh: बजरंग सेतु का कांच फिर टूटा, कोई पहरा नहीं, 69 करोड़ की लागत से बना है उत्तर भारत का अनोख पुल
69 करोड़ की लागत से बना उत्तर भारत का अनोख बजरंग सेतु पुल बिना पहरे के हैं। पुल का कांच एक बार फिर टूट गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाले निर्माणाधीन बजरंग सेतु का कांच एक बार फिर टूट गया है। पुल का उद्घाटन नहीं होने के बाद भी कांच वाले फुटपाथ पर सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग रोज आवाजाही कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि 69 करोड़ की लागत से बने पुल के कांच की सुरक्षा के लिए एक भी सुरक्षा कर्मचारी तैनात नहीं है। इस बार फिर असामाजिक तत्वों के चलते पुल के फुटपाथ पर लगा कांच टूट गया है।
इससे पहले अप्रैल माह में भी असामाजिक तत्वों ने बजरंग सेतु का कांच तोड़ा था। पारदर्शी कांच के फुटपाथ पर फोटो और रील बनाने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। बिना सुरक्षा के कांच पर भीड़ चलने से बड़े हादसे की आशंका बनी है।
पुल का प्रवेश द्वार केदारधाम जैसी आकृति में बनाया गया
लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है।
ये भी पढे़ं...Chardham Yatra: ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के दौरान बवाल, यात्रियों में मारपीट, महिला तीर्थयात्री बेहोश
पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बनाया गया है। पुल का प्रवेश द्वार केदारधाम जैसी आकृति में बनाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्घाटन से पहले ही पुल को ऐसे खोल देना लोनिवि की बड़ी लापरवाही है।
पुल पर तुरंत सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई हो। चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से कांच को और नुकसान हो सकता है। वहीं, अधिशासी अभियंता प्रवीन करनवाल ने इससे अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी।