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Uttarkashi News: मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए मां गंगा की डोली रवाना, आज खुलेंगे कपाट
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 18 Apr 2026 06:49 PM IST
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गंगा के शीकालीन प्रवास मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई मां गंगा की उत्सव डोली। संवा
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ग्रामीणों ने मां गंगा को कल्यो देने के साथ ही फाफरे का भोग लगाकर किया विदा
उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा के आगाज के लिए मां गंगा की भोगमूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। आज अक्षय तृतीया के दिन मां गंगा मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। मुखबा गांव के ग्रामीणों ने मां गंगा को कल्यो देने के साथ ही फाफरे का भोेग लगाकर नम आंखों के साथ छह माह के प्रवास के लिए भावुकता के साथ विदा किया। इस विशेष अवसर के लिए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों और देश के विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु मुखबा पहुंचे।
गंगा जी की भोगूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर 12.15 बजे पर अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड व ढोल दमाऊं की अगुवाई व मुखबा धराली के समेश्वर देवता की देवडोली के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है। तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के सात किमी के जोखिमभरे मार्ग से होते हुए रात्रि विश्राम के लिए भैरो घाटी पहुंची।
वहां पर भैरो मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। धाम में विशेष पूजा-अर्चना के बाद अक्षय तृतीय पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 बजे पर श्रद्धालुओं के लिए छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावुकता का होता है।
ग्रामीणों ने फाफरे का भोग और छह माह का कल्यो अर्से आदि के साथ मां को विदा किया। मुंबई से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके सौभाग्य का क्षण है कि वह इस पल के साक्षी बन रहे हैं। पहली बार वह इस आध्यात्मिक अनुभव को कभी नहीं भूलेंगे। इससे पूर्व जंगला में स्थानीय लोगों और कोपांग में आईटीबीपी के जवानों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जलपान व भोजन की व्यवस्था की गई थी।
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उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा के आगाज के लिए मां गंगा की भोगमूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। आज अक्षय तृतीया के दिन मां गंगा मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। मुखबा गांव के ग्रामीणों ने मां गंगा को कल्यो देने के साथ ही फाफरे का भोेग लगाकर नम आंखों के साथ छह माह के प्रवास के लिए भावुकता के साथ विदा किया। इस विशेष अवसर के लिए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों और देश के विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु मुखबा पहुंचे।
गंगा जी की भोगूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर 12.15 बजे पर अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड व ढोल दमाऊं की अगुवाई व मुखबा धराली के समेश्वर देवता की देवडोली के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है। तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के सात किमी के जोखिमभरे मार्ग से होते हुए रात्रि विश्राम के लिए भैरो घाटी पहुंची।
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वहां पर भैरो मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। धाम में विशेष पूजा-अर्चना के बाद अक्षय तृतीय पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 बजे पर श्रद्धालुओं के लिए छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावुकता का होता है।
ग्रामीणों ने फाफरे का भोग और छह माह का कल्यो अर्से आदि के साथ मां को विदा किया। मुंबई से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके सौभाग्य का क्षण है कि वह इस पल के साक्षी बन रहे हैं। पहली बार वह इस आध्यात्मिक अनुभव को कभी नहीं भूलेंगे। इससे पूर्व जंगला में स्थानीय लोगों और कोपांग में आईटीबीपी के जवानों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जलपान व भोजन की व्यवस्था की गई थी।

गंगा के शीकालीन प्रवास मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई मां गंगा की उत्सव डोली। संवा

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