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Uttarkashi News: उत्तरकाशी में बढ़ा डाक कांवड़ का प्रचलन
Thu, 30 Jul 2026 06:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:01 PM IST
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गांव-गांव से गंगोत्री-गोमुख पहुंच रहे शिवभक्त
उत्तरकाशी। जनपद में डाक कांवड़ यात्रा का प्रचलन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। अब स्थानीय स्तर पर भी बड़ी संख्या में शिवभक्त गोमुख व गंगोत्री धाम से गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। गांवों से श्रद्धालुओं की टोलियां गंगोत्री व गोमुख से जलभरकर केदारनाथ सहित देश के विभिन्न शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार से कांवड़ यात्रा सीजन की शुरुआत हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले ही कई कांवड़िये गोमुख गंगोत्री से गंगाजल लेकर लौट चुके हैं। वहीं, सीजन शुरू होने के बाद गोमुख में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है। पैदल और वाहनों से पहुंच रहे कांवड़िये जय भोले बम के जयघोष के साथ भक्तिमय माहौल में आगे बढ़ रहे हैं।
पिछले चार-पांच वर्षों में जिले में स्थानीय डाक कांवड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। गंगोत्री से केदारनाथ पैदल ट्रैक पर भी डाक कांवड़ यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अब उत्तरकाशी के विभिन्न गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग गोमुख पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार सावन के अंतिम तीन-चार दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या सबसे अधिक रहती है।
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इस दौरान श्रद्धालु गोमुख से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना होते है। स्थानीय निवासी कुंवर साब सिंह कलूड़ा और जीतवर सिंह नेगी ने बताया कि पहले डाक कांवड़ का स्थानीय स्तर पर अधिक प्रचलन नहीं था। बहुत कम लोग जल लेने जाते थे और बाहरी राज्यों के कांवड़िये ही अधिक संख्या में पहुंचते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है। अब गांव-गांव से श्रद्धालु गोमुख पहुंचकर गंगाजल लेकर आ रहे हैं।
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उत्तरकाशी। जनपद में डाक कांवड़ यात्रा का प्रचलन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। अब स्थानीय स्तर पर भी बड़ी संख्या में शिवभक्त गोमुख व गंगोत्री धाम से गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। गांवों से श्रद्धालुओं की टोलियां गंगोत्री व गोमुख से जलभरकर केदारनाथ सहित देश के विभिन्न शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार से कांवड़ यात्रा सीजन की शुरुआत हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले ही कई कांवड़िये गोमुख गंगोत्री से गंगाजल लेकर लौट चुके हैं। वहीं, सीजन शुरू होने के बाद गोमुख में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है। पैदल और वाहनों से पहुंच रहे कांवड़िये जय भोले बम के जयघोष के साथ भक्तिमय माहौल में आगे बढ़ रहे हैं।
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पिछले चार-पांच वर्षों में जिले में स्थानीय डाक कांवड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। गंगोत्री से केदारनाथ पैदल ट्रैक पर भी डाक कांवड़ यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अब उत्तरकाशी के विभिन्न गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग गोमुख पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार सावन के अंतिम तीन-चार दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या सबसे अधिक रहती है।
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इस दौरान श्रद्धालु गोमुख से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना होते है। स्थानीय निवासी कुंवर साब सिंह कलूड़ा और जीतवर सिंह नेगी ने बताया कि पहले डाक कांवड़ का स्थानीय स्तर पर अधिक प्रचलन नहीं था। बहुत कम लोग जल लेने जाते थे और बाहरी राज्यों के कांवड़िये ही अधिक संख्या में पहुंचते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है। अब गांव-गांव से श्रद्धालु गोमुख पहुंचकर गंगाजल लेकर आ रहे हैं।