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Uttarkashi News: स्कूलों में नहीं बन रहा है चावल, सूजी पर निर्भर हैं बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 28 Feb 2026 05:49 PM IST
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चावल नहीं पहुंचने से मध्याह्न भोजन में आ रही है दिक्कत
उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के आसपास के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन के लिए चावल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे बच्चों को मध्याह्न भोजन में मात्र सूजी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। विद्यालय प्रबंधन के लोगों का कहना है कि इस संबंध में राशन विक्रेता सहित जिला पूर्ति विभाग को भी जानकारी दी गई लेकिन इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लदाड़ी के हेडमास्टर हरीश बिष्ट ने बताया कि बीते एक सप्ताह से उनके विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए चावल की आपूर्ति नहीं हो पाई। यह स्थिति मात्र उनके विद्यालय नहीं बल्कि आसपास के मांडो सहित जसपुर आदि विद्यालयों में भी बनी हुई है। इससे बच्चों को पूरा आहार नहीं मिल पा रहा है।
बिष्ट ने कहा कि इस संबंध में नजदीकी राशन विक्रेता से संपर्क किया गया। साथ ही जिला पूर्ति विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई न होने के कारण बच्चों को दाल और सूजी खिलाकर ही काम चलाना पड़ रहा है। जबकि यह विद्यालय जिला मुख्यालय और पूर्ति विभाग के गोदाम से मात्र चार से पांच किमी की दूरी पर स्थित है।
अभिभावकों का कहना है कि जब जनपद मुख्यालय के नजदीकी विद्यालयों में ही समुचित राशन नहीं पहुंच पा रहा है तो दूरस्थ गांव में कितने दिनों में मध्याह्न भोजन का राशन पहुंचता होगा। इससे दयनीय स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बच्चों के मध्याह्न भोजन में यह बहुत बड़ी लापरवाही है। इसको लेकर जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।
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उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के आसपास के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में करीब एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन के लिए चावल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे बच्चों को मध्याह्न भोजन में मात्र सूजी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। विद्यालय प्रबंधन के लोगों का कहना है कि इस संबंध में राशन विक्रेता सहित जिला पूर्ति विभाग को भी जानकारी दी गई लेकिन इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लदाड़ी के हेडमास्टर हरीश बिष्ट ने बताया कि बीते एक सप्ताह से उनके विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए चावल की आपूर्ति नहीं हो पाई। यह स्थिति मात्र उनके विद्यालय नहीं बल्कि आसपास के मांडो सहित जसपुर आदि विद्यालयों में भी बनी हुई है। इससे बच्चों को पूरा आहार नहीं मिल पा रहा है।
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बिष्ट ने कहा कि इस संबंध में नजदीकी राशन विक्रेता से संपर्क किया गया। साथ ही जिला पूर्ति विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई न होने के कारण बच्चों को दाल और सूजी खिलाकर ही काम चलाना पड़ रहा है। जबकि यह विद्यालय जिला मुख्यालय और पूर्ति विभाग के गोदाम से मात्र चार से पांच किमी की दूरी पर स्थित है।
अभिभावकों का कहना है कि जब जनपद मुख्यालय के नजदीकी विद्यालयों में ही समुचित राशन नहीं पहुंच पा रहा है तो दूरस्थ गांव में कितने दिनों में मध्याह्न भोजन का राशन पहुंचता होगा। इससे दयनीय स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बच्चों के मध्याह्न भोजन में यह बहुत बड़ी लापरवाही है। इसको लेकर जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया।