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Uttarkashi News: छात्रनिधि की डेढ़ करोड़ राशि खर्च न होने पर छात्रसंघ का धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 26 Feb 2026 07:45 PM IST
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- राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी, वित्तीय वर्ष के अंत में 50% राशि शासन को जाने का आरोप; भवन व शौचालयों की दुर्दशा पर जताया रोष
उत्तरकाशी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पिछले डेढ़ वर्षों से छात्रनिधि में जमा करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च न होने से नाराज छात्रसंघ पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते अब वित्तीय वर्ष के अंत में जमा राशि का 50 प्रतिशत शासन को वापस चला जाएगा, जिससे छात्र हित प्रभावित होंगे।
बृहस्पतिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने छात्रनिधि की धनराशि खर्च न किए जाने को लेकर प्राचार्य से जवाब मांगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर छात्रनेताओं ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रसंघ अध्यक्ष विनयमोहन चौहान ने बताया कि महाविद्यालय में विषयवार अलग-अलग शुल्क निर्धारित है, जिसमें से प्रति छात्र 600 रुपये विश्वविद्यालय को भेजे जाते हैं। शेष धनराशि छात्रनिधि में जमा की जाती है, जिसका उपयोग छात्र-छात्राओं की सुविधाओं और कॉलेज के विकास कार्यों पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ वर्षों से यह धनराशि खर्च नहीं की गई है। इस वर्ष लगभग 70 लाख रुपये छात्रनिधि में जमा हुए हैं, जबकि कुल राशि बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यदि मार्च तक इस धनराशि का उपयोग नहीं किया गया तो वित्तीय नियमों के तहत इसका 50 प्रतिशत हिस्सा शासन को वापस चला जाएगा। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि महाविद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है और शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है। इसके अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी से मांग की गई थी और एक कमेटी का गठन भी हुआ था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही छात्रनिधि की धनराशि छात्र हित में खर्च नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन में विनय मोहन चौहान, शुभम चमोली, आयुष बिष्ट, मनीष पुन, आलोक चौहान, कपिल असवाल, भगवान सिंह, सुमन राणा सहित अन्य छात्र उपस्थित रहे।
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बृहस्पतिवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने छात्रनिधि की धनराशि खर्च न किए जाने को लेकर प्राचार्य से जवाब मांगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर छात्रनेताओं ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रसंघ अध्यक्ष विनयमोहन चौहान ने बताया कि महाविद्यालय में विषयवार अलग-अलग शुल्क निर्धारित है, जिसमें से प्रति छात्र 600 रुपये विश्वविद्यालय को भेजे जाते हैं। शेष धनराशि छात्रनिधि में जमा की जाती है, जिसका उपयोग छात्र-छात्राओं की सुविधाओं और कॉलेज के विकास कार्यों पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ वर्षों से यह धनराशि खर्च नहीं की गई है। इस वर्ष लगभग 70 लाख रुपये छात्रनिधि में जमा हुए हैं, जबकि कुल राशि बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यदि मार्च तक इस धनराशि का उपयोग नहीं किया गया तो वित्तीय नियमों के तहत इसका 50 प्रतिशत हिस्सा शासन को वापस चला जाएगा। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि महाविद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है और शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है। इसके अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी से मांग की गई थी और एक कमेटी का गठन भी हुआ था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही छात्रनिधि की धनराशि छात्र हित में खर्च नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन में विनय मोहन चौहान, शुभम चमोली, आयुष बिष्ट, मनीष पुन, आलोक चौहान, कपिल असवाल, भगवान सिंह, सुमन राणा सहित अन्य छात्र उपस्थित रहे।