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Uttarkashi News: मांडौं गांव के आपदा पीड़ितों का अब तक नहीं हुआ पुनर्वास
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 12 Apr 2026 06:33 PM IST
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पीड़ितों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पुनर्वास और सहायता की मांग
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के समीप स्थित मांडौं गांव के ग्रामीण वर्ष 2021 की आपदा के बाद आज भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आपदा पीड़ितों ने पुनर्वास और सहायता की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में मांडौं नाले में आए भारी उफान के चलते गांव में बाढ़ आई थी जिसमें कई मकान, खेत और सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। आपदा में दो लोगों की जान भी चली गई थी। बावजूद इसके आज तक प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास नहीं हो पाया है। आपदा पीड़ित प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि घटना में कुल 14 परिवार प्रभावित हुए थे जिनमें से केवल दो परिवारों को ही अब तक अनुदान मिल सका है। जबकि 10 परिवार ऐसे हैं जिनके पुनर्वास के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उनका कहना है कि बरसात के दौरान मांडौं नाले में फिर से बाढ़ का खतरा बना रहता है जिससे ग्रामीण लगातार भय के साए में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द आवास अनुदान प्रदान कर सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए। आपदा पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के समीप स्थित मांडौं गांव के ग्रामीण वर्ष 2021 की आपदा के बाद आज भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आपदा पीड़ितों ने पुनर्वास और सहायता की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में मांडौं नाले में आए भारी उफान के चलते गांव में बाढ़ आई थी जिसमें कई मकान, खेत और सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। आपदा में दो लोगों की जान भी चली गई थी। बावजूद इसके आज तक प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास नहीं हो पाया है। आपदा पीड़ित प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि घटना में कुल 14 परिवार प्रभावित हुए थे जिनमें से केवल दो परिवारों को ही अब तक अनुदान मिल सका है। जबकि 10 परिवार ऐसे हैं जिनके पुनर्वास के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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उनका कहना है कि बरसात के दौरान मांडौं नाले में फिर से बाढ़ का खतरा बना रहता है जिससे ग्रामीण लगातार भय के साए में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द आवास अनुदान प्रदान कर सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए। आपदा पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।