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Uttarkashi News: उत्तरकाशी की प्राचीन धरोहर होगी सुरक्षित
Thu, 30 Jul 2026 06:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:28 PM IST
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पाण्डुलिपियों की खोज और डिजिटलीकरण अभियान शुरू
उत्तरकाशी। जनपद में छिपी प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए अब बड़े स्तर पर पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। जनपद के मंदिरों, आश्रमों, संस्कृत महाविद्यालयों, पुस्तकालयों, संग्रहालयों और निजी संग्रहों में रखी दुर्लभ पाण्डुलिपियों, ताम्रपत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान कर उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जाएगा।
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक में इस संबंध में कार्ययोजना तैयार की गई। सीडीओ जय भारत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में उपलब्ध पाण्डुलिपियों का व्यापक सर्वेक्षण कर उन्हें अभिलेखीय रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
सीडीओ ने कहा कि भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत संचालित यह अभियान देश की अमूल्य सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। बैठक में सचिव यमुनोत्री मंदिर समिति सुनील उनियाल, प्राचार्य पीजी कॉलेज पंकज पंत, प्रताप सिंह बिष्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। जनपद में छिपी प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए अब बड़े स्तर पर पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। जनपद के मंदिरों, आश्रमों, संस्कृत महाविद्यालयों, पुस्तकालयों, संग्रहालयों और निजी संग्रहों में रखी दुर्लभ पाण्डुलिपियों, ताम्रपत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान कर उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जाएगा।
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक में इस संबंध में कार्ययोजना तैयार की गई। सीडीओ जय भारत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में उपलब्ध पाण्डुलिपियों का व्यापक सर्वेक्षण कर उन्हें अभिलेखीय रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
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सीडीओ ने कहा कि भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत संचालित यह अभियान देश की अमूल्य सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। बैठक में सचिव यमुनोत्री मंदिर समिति सुनील उनियाल, प्राचार्य पीजी कॉलेज पंकज पंत, प्रताप सिंह बिष्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे।
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