Bihar News: खगड़िया पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक महिला और उसकी मासूम बेटी की जान बच गई। इस मामले में एसपी भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे टाउन थाना की गश्ती टीम मथुरापुर गांधी चौक के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे एक छोटी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
रोती बच्ची के पास पड़े बोरे में मिली बेहोश महिला
बच्ची के पास ही एक बंद बोरा पड़ा था। उसमें हलचल महसूस होने पर पुलिस ने बिना देर किए बोरा खोला। अंदर करीब 25 वर्षीय महिला बेहोश अवस्था में मिली। उसके हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे, लेकिन उसकी सांस चल रही थी। पुलिस टीम ने तत्काल महिला को सदर अस्पताल, खगड़िया पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
पति पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, महिला के पति ने ही कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ खिलाया, फिर बोरे में बंद कर हत्या की नीयत से सुनसान जगह पर फेंक दिया। इसके बाद वह अपनी मासूम बेटी को भी वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
दहेज समेत कई धाराओं में केस दर्ज
इस मामले में खगड़िया थाना में संबंधित धाराओं तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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'कुछ देर और होती तो जा सकती थी जान'
एसपी ने कहा कि यदि गश्ती दल समय पर मौके पर नहीं पहुंचता, तो बोरे में बंद महिला की दम घुटने या अन्य कारणों से मौत हो सकती थी। वहीं, सड़क किनारे अकेली रो रही मासूम बच्ची भी किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकती थी। पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय संवेदनशीलता के कारण मां-बेटी दोनों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि सराहनीय कार्य के लिए गश्ती दल को पुरस्कृत भी किया जाएगा।