देशभर में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक तिरंगा शान से फहराया गया और अमर शहीदों को नमन किया गया। इसी कड़ी में सारण जिले के एकमा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में भी स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन यहां से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने राष्ट्रीय पर्व की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए। एकमा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में लापरवाही की हद पार करते हुए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे को उल्टा फहरा दिया गया।
बड़ी लापरवाही: हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे
ध्वजारोहण के दौरान वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान इस ओर बिल्कुल नहीं गया। परिणाम यह हुआ कि राष्ट्रीय ध्वज को नियमों के विपरीत उल्टा फहरा दिया गया। तिरंगे का हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे की ओर लहराता रहा। राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के अपने विशिष्ट संदेश और नियम हैं, लेकिन इस तरह की प्राथमिक चूक ने प्रशासनिक कार्यशैली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय ध्वज के इस तरह के अनादर पर वहां मौजूद कुछ जागरूक नागरिकों ने आपत्ति जताई, लेकिन तब तक कार्यक्रम संपन्न हो चुका था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर और वीडियो
यह पूरी घटना एक स्थानीय नागरिक की नजर से बच नहीं सकी। एक जागरूक व्यक्ति ने इस लापरवाही को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और इसकी तस्वीर व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। कुछ ही घंटों में यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और व्हाट्सऐप पर यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान बताया।
फजीहत के बाद आनन-फानन में सुधारा गया झंडा
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा और नगर पंचायत प्रशासन की किरकिरी होने लगी, कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पोल पर उल्टे फहराए गए तिरंगे को नीचे उतारा। इसके बाद नियमों के मुताबिक केसरिया रंग को ऊपर रखते हुए तिरंगे को दोबारा सही तरीके से फहराया गया। हालांकि, तब तक इस लापरवाही की तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक हो चुके थे।
राष्ट्रीय ध्वज का अपमान गंभीर मामला
नियमानुसार भारतीय ध्वज संहिता के तहत राष्ट्रीय ध्वज का अनादर या उसे गलत तरीके से प्रदर्शित करना गंभीर मामला है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी परिसर में इस तरह की चूक प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करती है।
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कार्रवाई की मांग, जांच का विषय बना मामला
इस घटना के बाद एकमा के स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत स्वीकार नहीं की जा सकती। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ध्वजारोहण के दौरान मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
उल्टा झंडा फहरा कर सलामी देते नगर पंचायत अध्यक्ष और अन्य कर्मी - फोटो : credit