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'बिल्डर ने धोखेबाजी कर ठगा', महागुन मिराबेला सोसाइटी निवासियों का आरोप; जानें क्या है पूरा मामला
नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:33 AM IST
नोएडा के सेक्टर 79 स्थित महागुन मिराबेला सोसाइटी निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने उनके साथ धोखा किया है और उन्हें ठगा गया है। इस प्रोजेक्ट की डिजाइन रोमन थीम पर आधारित थी लेकिन बाद में बिना बताए डिजाइन में बदलाव कर दिया गया। विशेष सुविधाओं से युक्त सोसाइटी का वादा करने के बाद ही यहां पर घर खरीदा था लेकिन स्पोर्ट्स सिटी का मामला होने की वजह से छह साल में एक भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। इस वजह से अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। यह बात रविवार को सोसाइटी निवासियों ने अमर उजाला संवाद में कही।
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में 2020 से लोगों ने रहना शुरू कर दिया था। यहां पर कुल 488 फ्लैट हैं और सभी में लोग रह रहे हैं लेकिन अब तक एक भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। इसके अलावा ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) भी नहीं मिला है। बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का करोड़ों रुपये बकाया है। एओए बन गई है लेकिन एओेए का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। निवासियों ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई चल रही है। पिछले छह साल से सोसाइटी का मेंटेनेंस बिल्डर ही देख रहा है। मेंटेनेंस शुल्क 3.54 रुपये पर स्क्वायर फीट के हिसाब से लिया जाता है। इसके बाद भी सोसाइटी का मेंटनेंस खराब है। एसटीपी चल नहीं रहा है। स्टाफ को तीन-तीन महीने तक सैलरी नहीं मिलती है। मैकेनिकल पार्किंग अब तक नहीं बनाई। बेसमेंट में लीकेज की समस्या है। पानी का रिसाव होता है। इससे सीलन बढ़ रही है।
अन्य मांगों पर भी दिया जोर
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के सामने एक बड़ा पार्क है लेकिन वहां जाने के लिए 300 मीटर घूमकर जाना पड़ता है। यदि डिवाइडर पर एक कट बना दिया जाए तो जाना आना आसान हो जाएगा। इसके अलावा सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी के नजदीक रेड लाइट पर ट्रैफिक जाम बहुत रहता है। वहां पर यूटर्न बनवाने का अनरोध किया गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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