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Facing months of hardship following the collapse of the overbridge in Jakhal, Fatehabad, a 15-member committee has decided to launch a decisive struggle.
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फतेहाबाद के जाखल में ओवरब्रिज टूटने के बाद महीनों से झेल रहे परेशानी, 15 सदस्यीय कमेटी ने लिया आर-पार की लड़ाई का फैसला
जाखल मंडी का रास्ता बंद होने का मामला अब महज मांग तक सीमित नहीं रहा है। महीनों से रास्ते की परेशानी झेल रहे मंडी के लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अस्थाई रास्ते की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष को लेकर शुक्रवार को 15 सदस्यीय कमेटी की अहम बैठक हुई, जिसमें रेलवे विभाग को अंतिम अल्टीमेटम देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया गया।
बैठक में साफ निर्णय लिया गया कि अगर 5 अक्टूबर तक जाखल मंडी के लोगों के लिए अस्थाई रास्ता उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। कमेटी की ओर से रेलवे अधिकारियों को आंदोलन के फैसले से अवगत करवाया जा चुका है।
15 अगस्त को मनाया था काला दिवस
जाखल मंडी का रास्ता बंद होने के विरोध में इससे पहले 15 अगस्त को मंडी के लोगों ने काला दिवस मनाते हुए बाजार बंद रखा था। लोगों ने प्रदर्शन कर रेलवे और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी थी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
धान सीजन में बढ़ी परेशानी
ओवरब्रिज का रास्ता बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों और व्यापारियों को उठानी पड़ रही है। धान सीजन के बीच मंडी तक फसल पहुंचाने के लिए किसानों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं। मंडी के दुकानदारों और आम लोगों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है।
अब गेंद रेलवे के पाले में
15 सदस्यीय कमेटी की बैठक के बाद जाखल के लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आश्वासन नहीं, रास्ता चाहिए। कमेटी ने 5 अक्टूबर तक अस्थाई रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग रखी है। निर्धारित समय तक समाधान नहीं हुआ तो 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया गया है।
अब देखना यह होगा कि रेलवे विभाग 5 अक्टूबर की समयसीमा खत्म होने से पहले रास्ते की मांग पर क्या कदम उठाता है, क्योंकि जाखल में आंदोलन की अगली तारीख तय हो चुकी है।
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