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Villagers protested against the land dispute of Dada Kala Peer Math in Koth Kalan of Hisar, thousands took out a foot march
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हिसार के कोथ कलां में दादा काला पीर मठ जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों का रोष प्रदर्शन, हजारों ने निकाला पैदल मार्च
हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल के गांव कोथ कलां में दादा काला पीर मठ की जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में हजारों ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च निकाला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शुक्राई नाथ कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर डेरे की जमीन को अपने नाम करवाने की कोशिश कर रहा है।
प्रदर्शन में शामिल राखी बाराहा खाप के प्रधान रतन मिलकपुर, सुरेश कोथ, पूर्व सरपंच अनिल संधू, जिला पार्षद दिनेश श्योराण, महाबीर श्योराण, कृष्ण फौजी सहित अन्य ने बताया कि जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने खेड़ी चौपटा उप-तहसील में पहुंचकर मामले को रुकवाया। इसके बाद, ग्रामीणों ने हिसार उपायुक्त से मिलकर शुक्राई नाथ और उनके साथ मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने शुक्राई नाथ के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका रवैया सामाजिक नहीं है। वह न तो साधुओं, ग्रामीणों, और न ही अन्य सामाजिक लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्राई नाथ गलत तरीके से गांव की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा है, जिसमें प्रशासन के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शुक्राई नाथ ने 14 मई 2025 को नारनौंद के एसडीएम मोहित महाराणा को डेरे के लेटरहेड पर एक आवेदन दिया, जिसमें उसने खुद को दादा काला पीर मठ (समाज अस्थल कालापीर) का महंत बताते हुए जमीन पर काश्तकार का दर्जा देने की मांग की। आवेदन में दावा किया गया कि वह 6 जनवरी 2015 से इस जमीन पर काश्तकारी कर रहा है और राजस्व रिकॉर्ड में उसे काश्तकार/दोहलीदार के रूप में दर्ज किया जाए।
ग्रामीणों ने इस आवेदन को फर्जी करार देते हुए कहा कि शुक्राई नाथ द्वारा दी गई जानकारी गलत है और यह जमीन समाज अस्थल कालापीर की है, जिसे वह निजी तौर पर हड़पना चाहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
रतन मिलकपुर और अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण और खाप संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने को तैयार हैं। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। पुलिस प्रशासन ने मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
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