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Farmers' protest against the Sonipat power grid continues; meeting with the Energy Minister scheduled for September 4.
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सोनीपत पावर ग्रिड के खिलाफ किसानों का धरना जारी, 4 सितंबर को ऊर्जा मंत्री से होगी मुलाकात
सोनीपत। पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की मांग को लेकर गुहणा गांव में प्रभावित किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 73वें दिन भी जारी रहा। धरने को संयुक्त किसान मोर्चा के घटक किसानी प्रतिष्ठा मंच के पदाधिकारियों ने भी समर्थन दिया। किसानों ने पावर ग्रिड की ओर से भूमि की कीमत निर्धारित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया।
प्रभावित किसानों ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा और प्रभावित किसानों को 4 सितंबर को सामूहिक समस्याओं को लेकर मुलाकात का समय दिया गया है। किसानों के अनुसार बैठक में पावर लाइनों से संबंधित मुआवजा नीति में सुधार की मांग भी रखी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन की तर्कसंगत कीमत मिल सके। किसानों ने स्पष्ट किया कि उचित भुगतान और पारदर्शी तरीके से भूमि की कीमत निर्धारित होने के बाद ही पावर ग्रिड को काम करने दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन एनसीआर के फ्री-जोन में आती है और क्षेत्र में जमीन की कीमत काफी अधिक है। छोटी जोत होने के कारण परिवारों की आजीविका भी इन्हीं जमीनों पर निर्भर है। ऐसे में कम कीमत पर भूमि का भुगतान होने से किसान आर्थिक संकट में आ जाएंगे।
किसानों ने बताया कि जाजी गांव में करीब चार एकड़ जमीन में 19 खंभे लगाए जाने के बावजूद दो-तीन साल से कुछ किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। प्रभावित किसान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के समक्ष दोबारा अपनी बात रखना चाहते हैं। उनका आरोप है कि जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, आंवली और बिलबलान गांवों के लिए निर्धारित भूमि मूल्य तर्कसंगत नहीं है। किसानों ने काम शुरू होने से पहले पूरा और उचित भुगतान करने की मांग दोहराई।
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