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चंबा: त्रिलोचन महादेव के वंशज शिव चेले संचूई पहुंचे चौरासी, श्रद्धालुओं को दे रहे आशीर्वाद
Ankesh Dogra
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:27 PM IST
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भरमौर क्षेत्र में मणिमहेश यात्रा की धार्मिक परंपराओं के बीच त्रिलोचन महादेव के वंशज माने जाने वाले शिव चेले संचूई से चौरासी स्थित मणिमहेश मंदिर परिसर पहुंच गए हैं। यहां मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु शिव चेलों से आशीर्वाद लेकर अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हो रहे हैं।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे शिव चेले अपने गांव संचूई से चौरासी की ओर रवाना हुए। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। शिव चेलों के चौरासी पहुंचने से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
इस बार श्री मणिमहेश न्यास की ओर से शिव चेलों का विशेष स्वागत किया गया। टैक्सी स्टैंड के पास उपमंडल अधिकारी अजय कुमार, तहसीलदार तेज सिंह, मणिमहेश न्यास के गैर सरकारी सदस्य रंजीत शर्मा, पंडित सुमन शर्मा और कमलेश ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बैंड-बाजे के साथ शिव चेलों का स्वागत किया।
न्यास की ओर से शिव चेलों के प्रमुख सदस्यों को शॉल, टोपी और मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद न्यास पदाधिकारी शिव चेलों को चौरासी पीठ तक लेकर गए।
शिव चेले अगले दो दिन मणिमहेश मंदिर के बाहर रहकर शिव भक्तों को आशीर्वाद देंगे। मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद आगे की यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं।
स्थानीय धार्मिक मान्यताओं में शिव चेलों की विशेष भूमिका मानी जाती है। उनके चौरासी पहुंचने के साथ ही यात्रा से जुड़े धार्मिक वातावरण में और अधिक श्रद्धा व उत्साह देखने को मिल रहा है।
शिव चेलों के स्वागत और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। चौरासी परिसर में भक्तों की आवाजाही बढ़ गई है। लोग शिव चेलों का आशीर्वाद लेकर मणिमहेश यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री मणिमहेश न्यास की ओर से किए गए स्वागत को स्थानीय लोगों ने धार्मिक परंपरा के सम्मान और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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