ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग पर्याप्त समय और सुरक्षा उपायों के बिना मतदाता सूची के अपने स्पेशल इंटेनसिव रिविजन को आगे बढ़ाता है, तो बिहार में लाखों लोग अपनी नागरिकता और आजीविका खो सकते हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जल्दबाजी में यह प्रक्रिया की गई, तो इससे न केवल लोगों के मतदान के अधिकार छिन जाएंगे, बल्कि उनकी आजीविका के अधिकार भी खतरे में आ जाएगा. ओवैसी ने कहा, "अगर किसी का नाम हटाया जाता है, तो वह व्यक्ति न केवल अपना वोट देने से चूक जाएगा, बल्कि यह उसकी आजीविका का भी मुद्दा है."