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Serial Killer Gang Busted in Delhi: Serial killer arrested after 25 years, crime horoscope is terrifying!
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Serial Killer Gang Busted in Delhi: 25 साल बाद गिरफ्तार हुआ सीरियल किलर, खौफनाक है क्राइम कुंडली !
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sun, 06 Jul 2025 10:30 PM IST
दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आर के पुरम क्राइम ब्रांच टीम ने एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है। इस सीरियल किलर का नाम अजय लांबा है, जो करीब 25 साल से फरार था। अजय टैक्सी चालकों को अपना शिकार बनाता था। ये टैक्सी बुक करने के बाद उसे उत्तराखंड ले जाता था और वहां जाकर चालक की हत्या के बाद उसके शव को पहाड़ियों से खाई में फेंक देता था। इसने अपने साथियों के साथ मिलकर चार टैक्सी चालकों की हत्या की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई वर्षों से एक्टिव था। साल 2001 से सीरियल किलर्स का ये गैंग वारदातों को अंजाम दे रहा था।
टैक्सी चालकों के गायब होने के दर्जनों मामले दिल्ली में दर्ज हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का दर्जनों टैक्सी चालकों के गायब होने में हाथ हो, इन्होंने उस चालकों की भी हत्या कर दी हो। जांच में सामने आया है कि ये लोग पहले दिल्ली से रेंट पर गाड़िया बुक करते थे, उसके बाद उसे उत्तराखंड ले जाते थे। उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया जाता था। उसके बाद चालक का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया जाता था। फिर शव को अल्मोड़ा, हल्द्वानी और उधमसिंह नगर जैसे इलाकों की गहरी खाइयों में फेंक दिया जाता था। जिससे कि चालक का शव किसी को बरामद न हो सके। उसके बाद ये लोग गाड़ी को ले जाकर नेपाल में बेच देते थे। मामले में चार चालकों की हत्या की पुष्टी हुई है। हालांकि, पुलिस ने केवल एक ही कैब ड्राइवर का शव बरामद किया था। तीन कैब ड्राइवर के शव तक नहीं मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय लांबा नेपाल में भी करीब 10 साल तक छिपा रहा। इतना ही नहीं अजय ने वहां एक लड़की से शादी भी कर ली।
इस गिरोह के अन्य सदस्य धीरेंद्र और दिलीप पांडे की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। एक आरोपी धीरज अभी भी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। लांबा ने छठी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया था और विकास पुरी पुलिस ने उसे शुरुआती वर्षों में "बुरा चरित्र" घोषित किया था। 1996 में, उसने अपना नाम बदल लिया और बरेली चला गया, जहां उसने धीरेंद्र और दिलीप नेगी के साथ मिलकर काम किया। पुलिस का कहना है कि लांबा 2008 से 2018 तक नेपाल में रहा और फिर अपने परिवार के साथ देहरादून में रहने लगा। 2020 में, वह कथित तौर पर अंतरराज्यीय गांजा आपूर्ति नेटवर्क में शामिल हो गया, जो ओडिशा से दिल्ली और अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। उसे 2021 में दिल्ली के सागरपुर पुलिस ने NDPS अधिनियम के तहत एक मादक पदार्थ मामले में और फिर 2024 में ओडिशा के बेहरामपुर में एक आभूषण की दुकान में डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था। वह दोनों मामलों में जमानत पर बाहर था। पुलिस ने कहा कि उसने कभी भी अपनी असली पहचान या अपनी फरार स्थिति का खुलासा नहीं किया। आरोपी अजय लांबा की पुलिस को 25 साल से तलाश थी।
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