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Ramgarh Mine Collapse: Tragic accident in Ramgarh, Jharkhand, so many people died in coal mine accident!
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Ramgarh Mine Collapse: झारखंड के रामगढ़ में दर्दनाक हादसा कोयला खदान हादसे में इतनों की हुई मौत!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 05 Jul 2025 05:39 PM IST
झारखंड के रामगढ़ जिले में अवैध खनन के दौरान कोयला खदान का एक हिस्सा ढहने से चार व्यक्ति की मौत हो गई और कुछ अन्य लोगों के वहां फंसे होने की आशंका है। पुलिस के अनुसार कर्मा इलाके में शनिवार सुबह छह बजे यह हादसा हुआ। ग्रामीणों के अनुसार चाल धंसने से चार लोगों की मौत हुई है, हालांकि पुलिस की ओर से अब तक एक शव बरामद होने की बात कही गयी है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है। खदान में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है। मिली जानकारी के अनुसार कर्म प्रोजेक्ट क्षेत्र में सीसीएल की ओर से कोयला उत्खनन का कार्य किया जा रहा था। आज सुबह ग्रामीण भी कोयला निकालने पहुंचे थे, जहां अचानक चाल धंसने से चार मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घायलों में दो ही हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें से एक महिला का कमर टूट गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। वहीं खदान ढहने पर एसडीएम अनुराग तिवारी ने कहा, "सीसीएल माइन लीज एरिया में एक घटना की जानकारी मिली है। जांच के बाद पता चलेगा कि घटना कैसे घटी और कितने लोगों की मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया मामला अवैध खनन का है।"
वहीं रामगढ़ जिले में कोयला खदान दुर्घटना पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, "झारखंड में लोगों को जोखिम में डालकर, खदानों में काम करवाया जा रहा है। खदान धंसने से लोगों को मौत भी हो जाती है। सीधे तौर पर यह सब प्रशासन की देख-रेख में ही होता है। कोलियरी के क्षेत्रों में अवैध तौर पर खनन करवाया जाता है, जिसमें सुनियोजित तरीके से माफिया जुड़े हुए हैं। सरकार यदि एक बार मजबूती से तय कर ले कि अवैध खनन नहीं करवाना है तो कम से कम इस प्रकार की खदानें जहां धंसने की आशंका होती है बंद करवाई जा सकती हैं... यह सब कुछ सरकार के संज्ञान में है बल्कि हमारा कहना है कि सरकार की देख-रेख में ही ये सारे काम होते हैं..."
वहीं घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कर्म प्रोजेक्ट कार्यालय के गेट के निकट सभी शवों को रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन से मुआवजा देने की मांग की है। राजू महतो और अंजुम अंसारी समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि माइनिंग एक्ट के तहत सीसीएल की ओर से जहां भी उत्खनन का काम किया जाएगा, उसके चारों ओर बैरिकेटिंग और फेंसिंग की जाएगी, ताकि उसे इलाके में अवैध खनन न हो सके। ऐसी स्थिति में मौके पर सुरक्षा के तमाम मानकों को दरकिनार कर सीसीएल की ओर से उत्खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं खदान के पास सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती नहीं की गई थी, जिसके कारण ग्रामीण अपनी दैनिक दिनचर्या के लिए कोयला चुनने गए थे और एक बड़ा हादसा हो गया
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