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BMC Election 2026: Friendly fights on 15 seats in BMC elections increase tension, complicate political equatio
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BMC Election 2026: बीएमसी चुनाव में 15 सीटों पर फ्रेंडली फाइट से बढ़ी टेंशन, उलझा सियासी समीकरण!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Fri, 16 Jan 2026 01:41 AM IST
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मुंबई, जिसे देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है, वहां की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा यानी बीएमसी (BMC) चुनाव अपने चरम पर है। 15 जनवरी 2026 को हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें नतीजों पर हैं, लेकिन इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि ‘अपनों’ के बीच वर्चस्व की जंग बन गया है।
खासकर 15 सीटों को लेकर जो घमासान मचा है, उसने महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) दोनों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर इन 15 सीटों का पेंच क्या है और क्यों कहा जा रहा है कि इस बार लड़ाई ‘अपनों’ में ही है। बीएमसी चुनाव में '15 सीटों' का आंकड़ा इस बार केंद्र बिंदु बन गया है। इसके दो प्रमुख पहलू सामने आए हैं जिन्होंने सियासी समीकरणों को उलझा दिया है:
सूत्रों के अनुसार, महाविकास अघाड़ी (MVA) में सीट बंटवारे के दौरान उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे (MNS) के नए गठजोड़ ने शरद पवार की एनसीपी (NCP-SP) को मात्र 15 सीटें ऑफर की थीं। एनसीपी (SP) ने इसे अपने सम्मान के खिलाफ माना, क्योंकि उनकी मांग 50-55 सीटों की थी। इस '15 सीटों' के प्रस्ताव ने गठबंधन में दरार डाल दी, जिससे कई वार्डों में ‘दोस्ताना संघर्ष’ या सीधी बगावत की स्थिति बन गई।
मुंबई के करीब 15 से 20 ऐसे वॉर्ड हैं जहां गठबंधन (खासकर महायुति - बीजेपी और शिंदे सेना) के बीच सहमति नहीं बन पाई। इन सीटों पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ पर्चा भर दिया है। इसे ही "अपनों में जंग" कहा जा रहा है, जहां एक ही गठबंधन के दो साथी आमने-सामने हैं। इसका सीधा फायदा विपक्ष को मिल सकता है। इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का करीब दो दशकों बाद साथ आना है।
उद्धव ठाकरे (UBT) और राज ठाकरे (MNS) ने "मराठी अस्मिता" को बचाने के लिए हाथ मिलाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव सेना ने मनसे (MNS) के लिए वो 12 से 15 सीटें छोड़ी हैं जहां मनसे का प्रभाव था या जहां उनके पूर्व नगरसेवक शिंदे गुट में चले गए थे। यह रणनीति शिंदे गुट के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए बनाई गई है।
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