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Karnataka Congress Update: The complete story behind the fight between Siddaramaiah vs DK Shivakumar.
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Karnataka Congress Update: सिद्धरमैया Vs डीके शिवकुमार की लड़ाई के पीछे की पूरी कहानी।
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Sat, 29 Nov 2025 02:21 PM IST
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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एकजुटता का संदेश दिया है। करीब एक घंटे चले नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, दोनों नेता उसका पालन करेंगे।
डीके शिवकुमार को CM बनाने की मांग क्यों उठी? दरअसल, डीके शिवकुमार कैंप का कहना है कि ढाई साल बाद डीके शिवकुमार को CM बनाने का वादा किया गया था। डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने इशारों में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि CM सिद्धारमैया अपना वादा निभाएंगे। वहीं, सिद्धारमैया ने कुर्सी छोड़ने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। दरअसल, पिछले सप्ताह दिल्ली गए डीके शिवकुमार की राहुल गांधी से मुलाकात ही नहीं हो पाई। सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी को मैसेज भी किया लेकिन राहुल गांधी से कोई जवाब नहीं मिला। पिछले 2 दिन में कांग्रेस के 6 से 7 विधायक दिल्ली पहुंचे। ये सभी डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं। इसे पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सिद्धारमैया कैंप का दावा है कि अधिकांश विधायकों का सपोर्ट उनके साथ है इसीलिए उनकी कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। चामराजनगर जिले में गुरुवार को एक कार्यक्रम में सिद्धारमैया ने इस बात को दोहराया कि वे पूरे कार्यकाल तक CM बने रहेंगे।
दूसरी ओर, पार्टी के दलित नेता भी एक समूह बनाकर पिछले कुछ दिनों से समय-समय पर मीटिंग कर रहे हैं। ऐसी ही एक मीटिंग मंत्री सतीश जारकीहोली के घर पर हुई जिसमें गृहमंत्री जी परमेश्वर, नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा और पूर्व मंत्री केएन राजन्ना शामिल हुए। राजन्ना CM सिद्धारमैया के खास माने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में इस बात पर मुख्य रूप से चर्चा हुई कि अगर किसी दबाव में आकर पार्टी आलाकमान CM सिद्धारमैया से पद छोड़ने को कहता है तो उस सूरत में CM किसी दलित नेता को बनाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सिद्धारमैया, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के लिए संघर्ष करने वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें हटाकर डीके शिवकुमार जैसे वोक्कालिगा लीडर को CM बनाने से पार्टी को 2028 के चुनावों में भारी नुकसान होगा, ऐसा इन नेताओं का मत है। मीटिंग में इस बात पर भी सहमति बनी है कि इस मामले में आलाकमान को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सार्वजनिक तौर पर इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
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