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PM Modi Somnath Visit: Swami Avimukteshwarananda pleased with PM Modi's decision, openly supports him!
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PM Modi Somnath Visit: पीएम मोदी के इस फैसले से खुश हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, दिया खुला समर्थन!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 07 Jan 2026 02:00 AM IST
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज कहते हैं, "प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट को देखने के बाद कई लोगों ने हमसे चर्चा की कि एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर के माध्यम से हम सभी हिंदुओं पर जो अत्याचार करने का प्रयास किया था, उसे याद करते हुए देश के प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर की आरती और पूजा करने जा रहे हैं. यह जानकर अच्छा लगा कि यदि प्रधानमंत्री हमारे विरुद्ध हुए अत्याचारों को याद करते हैं और वर्तमान स्थिति को सबके ध्यान में लाते हैं, तो यह एक अच्छी बात है.उसने (गजनी ने) सोचा था कि यदि वह मूर्ति तोड़ देगा, यदि वह मंदिर को नष्ट कर देगा, तो मामला खत्म हो जाएगा। लेकिन आज यह सिद्ध हो गया है कि मूर्ति तोड़ने और मंदिर नष्ट करने से भगवान नष्ट नहीं होते.जो लोग मूर्ति और मंदिर तोड़ने की बात करते हैं या करते रहे हैं, उनके लिए बड़ा संदेश यह है कि आपके प्रयास व्यर्थ होंगे।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर को लेकर हमेशा से एक गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव व्यक्त किया है। वे न केवल सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, बल्कि समय-समय पर सोशल मीडिया के माध्यम से इस मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते रहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि सोमनाथ मंदिर भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और पुनरुत्थान का प्रतीक है। उन्होंने लिखा कि यह मंदिर सदियों के संघर्ष और आक्रमणों के बाद भी अपने गौरव के साथ खड़ा है, जो यह संदेश देता है कि "सत्य को असत्य से, और सृजन को विनाश से पराजित नहीं किया जा सकता।" उनके अनुसार, सोमनाथ केवल एक पूजा स्थल नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्थान है जो हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया है कि सोमनाथ का वैभव केवल अतीत की बात नहीं है, बल्कि यह भारत के 'आत्मनिर्भर' और 'गौरवशाली' भविष्य का भी प्रतिबिंब है। उन्होंने अक्सर इस बात का उल्लेख किया है कि जब हम सोमनाथ जैसे पवित्र स्थानों का विकास करते हैं, तो हम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के बलिदानों से भी परिचित कराते हैं। उनकी पोस्ट में हमेशा "जय सोमनाथ" के उद्घोष के साथ देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
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