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Ram Mandir Donation Scam: Trust reveals its next plan following the resignations of Champat Rai and Anil Mishr
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Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय -अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट ने बताया अपना अगला प्लान!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 07 Jul 2026 01:15 AM IST
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महत्वपूर्ण बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य हर स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना है और इसी भावना के साथ पूरे मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है। गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चोरी हुई है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रही है तथा जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे अपुष्ट तथा भ्रामक दावों से सावधान रहें।
गोविंद देव गिरी ने कहा कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि केवल दानपात्र की नहीं, बल्कि मंदिर की अनेक मूल्यवान वस्तुओं की भी चोरी हुई है। इस पर उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के पास मंदिर में प्राप्त सभी वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत रिकॉर्ड उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि रामायण, चरण पादुकाएं तथा अन्य धार्मिक और पूजनीय वस्तुओं को लेकर भी तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जबकि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में ऐसी लगभग 2,800 वस्तुएं विधिवत दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इन वस्तुओं का पूरा रजिस्टर मीडिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक रूप से चार से पांच प्रमुख वस्तुओं का विवरण सार्वजनिक रूप से दिखाया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ट्रस्ट के पास सभी वस्तुओं का व्यवस्थित अभिलेख मौजूद है। ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर पूरी स्थिति जनता के सामने रखी जाएगी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
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