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Burhanpur News: ये कैसा जनप्रतिनिधि?, सड़क मांगने पहुंचे लोगों को दी गालियां; महापौर पति के बिगड़े बोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: बुरहानपुर ब्यूरो Updated Wed, 01 Apr 2026 04:51 PM IST
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में उस वक्त एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई जब अपनी बुनियादी समस्या का हल ढूंढने गए आम नागरिकों को जनप्रतिनिधि के घर से समाधान नहीं बल्कि अपमान लेकर लौटना पड़ा। शहर की लक्ष्मी नगर और कैलाश मानसरोवर कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क निर्माण की मांग लेकर पहुंचे क्षेत्रवासियों से महापौर पति एवं पूर्व महापौर अतुल पटेल ने जो लहज़ा अपनाया, उसने मौके पर मौजूद हर शख्स को स्तब्ध कर दिया। उनके बिगड़े बोलों और आपत्तिजनक टिप्पणियों ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
दरअसल, लक्ष्मी नगर और कैलाश मानसरोवर कॉलोनी के निवासी लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या झेल रहे हैं। जब क्षेत्रवासी यह परेशानी लेकर अतुल पटेल के पास पहुंचे और सड़क बनवाने की मांग रखी, तो उन्होंने मदद करने की बजाय जनता पर ही पलटवार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अतुल पटेल भड़कते हुए बोले कि वोट मांगते वक्त उन्होंने कोई वादा नहीं किया था। इतने पर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर ऐसे आपत्तिजनक शब्द कहे जो किसी भी सभ्य जनप्रतिनिधि के मुंह से सुनने की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उनकी इस बेलगाम भाषा ने वहां खड़े हर व्यक्ति को चौंका दिया।
सड़क निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी
महापौर पति अतुल पटेल ने आगे बढ़कर सड़क निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी दे डाली और कॉलोनी को अवैध करार देते हुए सारी ज़िम्मेदारी कॉलोनाइजर पर थोप दी। जब स्थानीय निवासियों ने दस्तावेज़ी प्रमाण देते हुए बताया कि यह कॉलोनी टीएनसीपी से विधिवत अनुमोदित है, तब भी उनके तेवर में कोई नरमी नहीं आई।
स्थानीय निवासी शेखर वाणी ने बताया कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा मांगना उनका संवैधानिक हक है, लेकिन इसके बदले में उन्हें धमकाया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर जनता अपनी तकलीफों लेकर अपने जनप्रतिनिधि के पास भी नहीं जा सकती, तो फिर किसके दरवाजे पर दस्तक दे? इस पूरे घटनाक्रम के बाद से इलाके में गहरा रोष व्याप्त है। लोग यह सोचकर परेशान हैं कि जब शहर के प्रथम नागरिक के घर से ही इस तरह की भाषा और व्यवहार सामने आएगा, तो आम आदमी की आवाज़ आखिर कौन सुनेगा और उसकी समस्याओं का निराकरण कब और कैसे होगा?
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