बुरहानपुर जिले में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के इंदिरा कॉलोनी–पातोडा मार्ग स्थित एक केले के खेत में नर चीतल का शव संदिग्ध हालत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। खेत में शव देखे जाने के बाद ग्रामीणों में भय और उत्सुकता का माहौल बन गया, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग के डिप्टी रेंजर योगेश सावकारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन किया और ग्रामीणों से पूछताछ कर प्रारंभिक जानकारी एकत्रित की। इसके बाद नर चीतल के शव को विधिवत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रेणुका डिपो भेजा गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत चीतल की उम्र लगभग 4 वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल चीतल की मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। न तो शरीर पर किसी स्पष्ट हिंसक हमले के निशान मिले हैं और न ही प्रथम दृष्टया बीमारी के लक्षण सामने आए हैं, जिससे मौत को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चीतल की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या फिर किसी अन्य वजह से। पीएम प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद वन विभाग के नियमों के अनुसार चीतल का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खेतों और रिहायशी इलाकों के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे जानवरों के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल वन विभाग द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और पीएम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही चीतल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। यह मामला बुरहानपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।