दमोह जिला न्यायालय परिसर में बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब गवाही और पेशी के लिए पहुंचे कुछ लोगों के पास अवैध हथियार होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना इतनी गंभीर थी कि पुलिस ने तत्काल न्यायालय परिसर और उसके आसपास सर्च अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एक पिस्टल और तीन चाकू बरामद किए गए, जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को जिला न्यायालय में एक चर्चित हत्या प्रकरण की सुनवाई निर्धारित थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े कुछ लोग हथियारों के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे हैं और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई और न्यायालयीन स्टाफ के सहयोग से सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
होटल से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया
बताया जा रहा है कि पुलिस ने कोर्ट परिसर के समीप स्थित एक होटल में भी दबिश दी, जहां से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। बरामद हथियारों को जब्त कर लिया गया है और उनके स्रोत की जांच की जा रही है। शहर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हथियारों के साथ आरोपी कोर्ट परिसर तक कैसे पहुंच गए और उनका उद्देश्य क्या था।
जानें पुलिस अधिकारियों ने क्या-क्या बताया?
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि तीन व्यक्तियों के कब्जे से अवैध हथियार बरामद हुए हैं। कुछ अन्य लोगों को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। वहीं, एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपियों के हथियारों के साथ न्यायालय परिसर पहुंचने के पीछे की मंशा का पता लगाया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
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इन बिंदुओं में जांच कर रही पुलिस
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने जिला न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षा और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो न्यायालय परिसर में किसी बड़ी वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, हथियारों के स्रोत व कोर्ट आने के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हुई है।