दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में आने वाले सोजना गांव में बुधवार दोपहर खेत में काम कर रहे दो ग्रामीणों पर तेंदुए ने अचानक हमला कर घायल कर दिया। जब वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे तो तेंदुए ने ड्रोन ऑपरेटर पर भी हमला किया। हमले में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए पटेरा अस्पताल ले जाया गया। वन कर्मी अपनी जान बचाकर भागे। उसके बाद अतिरिक्त अमला गांव पहुंचा। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के प्रयास कर रही है, लेकिन गुरुवार सुबह तक उसका पता नहीं चल सका।
खेत में काम करते समय हुआ हमला
घायल ग्रामीण नारायण लोधी ने बताया कि वह बुधवार दोपहर अपने अरहर के खेत में काम कर रहा था। तभी अचानक पीछे से तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। नारायण के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के किसान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुआ पास के खेत की ओर भाग गया। वहीं, कुछ ही दूरी पर भल्लू लोधी (50) अपने खेत में काम कर रहे थे। तेंदुआ ने वहां पहुंचकर उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। गांव के लोगों ने घायलों को तुरंत पटेरा अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उनका उपचार जारी है।
तेंदुए की तलाश में जुटा वन विभाग
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के जंगली इलाके की घेराबंदी की। विभाग ने ड्रोन की मदद से तेंदुए की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश शुरू की है, ताकि उसे सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके और जंगल में छोड़ा जा सके। घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगल के नजदीक न जाने की अपील की है।
ये भी पढ़ें- वेटलैण्ड संरक्षण नियमों का पालन नहीं, लापरवाही पर एनजीटी नाराज, भोपाल ननि और कलेक्टर को फटकार
ड्रोन ऑपरेटर पर हमला
तेंदुए की सही लोकेशन पता करने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन से खेत की सघनता से निगरानी की गई, लेकिन तेंदुआ कहीं भी नजर नहीं आया। इसी दौरान तेंदुए ने ड्रोन ऑपरेटर सेजल जैन पर हमला कर घायल कर दिया। उन्हें तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया है। दमोह रेंजर विक्रम चौधरी के साथ एसडी ओ और अन्य अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए हैं।