दमोह जिले के तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की एक प्लांटेशन में रविवार सुबह चौकीदार का शव मिला। मृतक प्लांटेशन में पेड़-पौधों की देखरेख का कार्य करता था। घटना की जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन विभाग का स्टाफ और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक 44 वर्षीय इंदुर आदिवासी निवासी बम्हौरी, तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र में सुरक्षा श्रमिक के रूप में अस्थाई सेवाएं दे रहा था। इंदुर सागर-जबलपुर स्टेट हाईवे-15 पर स्थित प्लांटेशन में एक अन्य श्रमिक के साथ काम करता था। शनिवार सुबह वह रोज की तरह ड्यूटी पर गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, रविवार सुबह जब गांव के लोग प्लांटेशन पहुंचे तो उसका शव एक गड्ढे में भरे पानी में मिला। उसके चेहरे पर चोट के निशान भी मिले हैं।
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आशंका है कि वह मवेशियों को भगाने गया होगा और फिसलकर पानी से भरे गड्ढे में गिरने से उसकी मौत हुई होगी। मृतक के बेटे अरविंद्र ने बताया कि सुबह प्लांटेशन में उसके पिता का शव मिला। वहीं, मृतक के साथी धन सिंह ने बताया कि वे दोनों दिन में साथ थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद वह घर लौट आया था। शाम को कुछ मवेशी प्लांटेशन में घुस गए थे, जिन्हें भगाने के लिए इंदुर गया था, इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।
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तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी मेघा पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। तेंदूखेड़ा थाना के सहायक उपनिरीक्षक गजराज सिंह ने बताया कि मृतक उल्टा पड़ा था और पास में पानी भरा था। मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया गया है।