औद्योगिक नगरी पीथमपुर के सागौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोती नगर कॉलोनी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 23 वर्षीय युवती नेहा कछवाया ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को मृतका की 22 पन्नों की एक सुसाइड डायरी सौंपी है, जिसमें पारिवारिक प्रताड़ना, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और मंगेतर द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के खौफनाक खुलासे हुए हैं। पुलिस ने डायरी जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पीथमपुर क्षेत्र के सागौर थाना अंतर्गत मोती नगर कॉलोनी निवासी नेहा कछवाया ने एक दिन पूर्व आत्महत्या की है। मृतका के भाई रितेश कछवाया ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य रात करीब 10:30 बजे खाना खाकर सो गए थे। रात करीब 2:00 बजे अचानक नेहा के कमरे से चिल्लाने की आवाज आई। जब परिजन दौड़कर पहुंचे, तो कमरे में भीषण आग लगी हुई थी और भारी धुआं फैला था। सामने वाले घर से पानी की मोटर चलाकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक नेहा पूरी तरह जल चुकी थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पर पुलिस को घटना स्थल से मिली नोट बुक में 22 पन्नों की डायरी में नेहा ने अपनी मौत के पीछे कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) पीथमपुर कमल सिंह चौहान और सागोर थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
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अब पढ़ें युवती का दर्द
नेहा ने लिखा कि उनके भाई रितेश की पत्नी रीना गोयल और उनके मायके पक्ष के लोग पूरे परिवार को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। भाभी ने नेहा के दिवंगत पिता रमेशचंद्र कछवाया पर बेहद घिनौने और झूठे लांछन लगाए थे, जिससे आहत होकर उनके पिता को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। परिवार ने गंभीर आर्थिक तंगी के बावजूद चांदी के जेवर 20,000 रुपये में गिरवी रखकर भाभी के लिए पायल खरीदी थी, लेकिन इसके बाद भी क्लेश खत्म नहीं हुआ। नेहा ने आगे लिखा कि भाभी के भाई महेश गोयल ने घर रीना के नाम न करने पर पूरे परिवार को झूठे दहेज केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, नेहा ने आरोप लगाया कि भाभी के भाइयों ने उनके साथ छेड़छाड़ की थी और विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
मंगेतर ने भी नहीं दिया साथ
युवती ने आगे लिखा कि कुछ समय पूर्व भाभी के मायके जाकर खुद दवा खाकर गर्भपात करने का मामला भी सामने आया था, जिसका झूठा आरोप रीना के परिवार ने नेहा के पिता पर मढ़ दिया था। नेहा ने एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया है, जिसमें भाभी अपने जीजा से आपत्तिजनक बातें कर रही थीं, जिससे उनके पिता बेहद दुखी थे। पारिवारिक क्लेश के अलावा नेहा अपनी निजी जिंदगी में भी गंभीर दौर से गुजर रही थीं। उन्होंने अपने मंगेतर सुनील परिहार, उसके परिवार के सदस्यों (विष्णु सुमेरिया और रामचंद्र सुमेरिया) तथा सुनील की एक महिला मित्र विशाखा पर भी गंभीर मानसिक प्रताड़ना और सरेआम जलील करने के आरोप लगाए हैं। नेहा के अनुसार, इन सभी चौतरफा परिस्थितियों और ब्लैकमेलिंग के कारण वह पिछले कई दिनों से भारी मानसिक दबाव और अवसाद में जी रही थीं।
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पीएम व सीएम से की अपील
नेहा ने अपने इस आखिरी पत्र में देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से एक विशेष भावुक अपील की। युवती ने लिखा कि देश में एक ऐसा आश्रम बनाया जाए जहां बिना बाप की बेटियां और ऐसी ननदें सम्मान से रह सकें जो जीते जी मार दी जाती हैं, ताकि भाई-भाभी के होते हुए भी कोई बहन खुद को अनाथ महसूस न करे। इसके साथ ही नेहा ने अपनी छोटी बहन आरती के लिए एक बेहद भावुक संदेश छोड़ा है, जिसमें उन्होंने आरती को हिम्मत से रहने, खूब पढ़ाई करने और माता-पिता की जगह घर की जिम्मेदारी संभालने की बात कही है।
थाना प्रभारी उप-निरीक्षक प्रकाश सरोदे ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएससी पीथमपुर भेज दिया था। मृतका के परिजनों द्वारा सौंपी गई 22 पन्नों की नोटबुक को विधिवत जब्त कर लिया गया है और उसमें लिखे तथ्यों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और विधिक राय लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।