रविवार को मौसम में आए अचानक बदलाव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी रबी फसलों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। कुछ ही समय में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और देखते ही देखते खेतों में लहलहाती फसलें जमीन पर गिर गईं। इस प्राकृतिक आपदा से किसान गहरे संकट में आ गए हैं। सोमवार को किसानों ने कांग्रेस नेता जोकचन्द के साथ सड़क पर धरना-प्रदर्शन शुरु कर दिया। सूचना पर तहसीलदार ब्रजेश मालवीय मौके पहुंचे, उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों को आश्वस्त किया कि सात दिन के भीतर सभी नुकसान होने वाली फसलों का सर्वे पूर्ण कर लिया जाएगा। तहसीलदार ने कहा कि वे अफीम फसल में हुई नुकसानी के संबंध में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे।
इधर धरना स्थल पर पहुंची एसडीम स्वाति तिवारी को भी किसानों ने अपनी पीड़ा बताई। किसानों ने कहा कि अफीम, गेहूं, सरसों, चना, मसूर, मेथी, धनिया, अलसी, चिया सीड सहित लगभग सभी प्रमुख फसलों को भारी क्षति हुई है। कई खेतों में फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, वहीं कई स्थानों पर उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। किसानों ने बताया कि रबी की ये फसलें किसानों की वर्षभर की मेहनत, पूंजी निवेश और परिवार की आजीविका का मुख्य आधार होती हैं। खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद जब फसल कटाई के लिए तैयार होती है, उसी समय इस तरह की आपदा आ जाना किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देता है। धरने में शामिल हुए कांग्रेस नेता जोकचंद ने प्रभावित किसानों के फसल ऋण पर ब्याज माफी, बैंक व सहकारी संस्थाओं से लिए गए कर्ज की वसूली पर रोक तथा फसल बीमा दावों के त्वरित निपटारे की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर किसानों के हित में त्वरित और ठोस निर्णय ले।
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24 घंटे बाद भी नहीं पिघले ओले
रविवार को मंदसौर नीमच जिले के सीमावर्ती इलाकों में हुई आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि से चौपट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ित किसान धरने पर बैठे थे। सूचना मिलने पर जब एसडीएम स्वाति तिवारी धरना स्थल पर पहुंची तो यहां किसानों ने अपनी पीड़ा सुनाई और मुआवजे की मांग की इस दौरान एक किसान रोते हुए एसडीएम के पैरों में गिर पड़ा जिसे अन्य किसानों ने उठाया। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि राजस्व विभाग की टिम नुकसानी का सर्वे कर रही है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी ताकि पीड़ित किसानों को जल्द मुआवजा मिल सके।

ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया धरना

किसानों ने दिया धरना