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mother died in Kovid, the son got the idol made of silicon and worships it by keeping it in the temple
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MP: कोविड में हुई मां की मौत तो बेटे ने बनवाई सिलिकॉन की प्रतिमा, घर के मंदिर में रखकर परिवार करता है पूजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 23 Jun 2023 05:08 PM IST
मध्यप्रदेश के अभिषेक ने मां-बेटे के प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश की है, जिसे जानकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे। कटनी के राहुल बाग निवासी अभिषेक सोनी ने अपनी मां सावित्री सोनी को कोरोना काल में खो दिया था, जिसके बाद से ही अभिषेक गुमसुम सा रहने लगे था। इसी दौरान अभिषेक ने सोशल मीडिया में सिलिकॉन की मूर्ति के वीडियो देखे, तो उनके अंदर अपनी मां को पुनः पाने की इच्छा जागृत हुई। हालांकि अपनी मां की मूर्ति बनवाना इतना आसान नहीं था।
अभिषेक बताते हैं कि बैंगलुरू के मूर्तिकार नहीं मान रहे थे। काफी मशक्कत के बात उन्होंने मेरी बात सुनी। उन्हें मनाते मनाते मेरे आंसू आ गए थे। शायद उन्होंने मां के प्रति मेरा प्रेम और लगाव देखकर ही मुझे हां बोला। अभिषेक के मुताबिक पूरे भारत में सिर्फ बैंगलोर में ही सिलिकॉन की प्रतिमा बनाई जाती है, इसलिए मुझे एक साल का समय दिया गया। लेकिन जब मैंने मां मूर्ति को देखा तो मानों मेरे समाने साक्षात् मां जीवंत अवस्था में आ गई हों। हालांकि उनसे ज्यादा भी हैरान अभिषेक का परिवार हुआ, जब बेटे के साथ मां की अद्भुत मूर्ति को उन्होंने देखा।
अभिषेक सोनी ने अपने घर में एक मंदिर बनाकर मूर्ति को स्थापित किया है। यहां प्रतिदिन अभिषेक ईश्वर के साथ अपनी मां की मूर्ति की पूजा करते हैं। अभिषेक की पत्नी मोनिका बताती हैं कि सासु मां के जाने के बाद उनके पति काफी डिप्रेशन में चले गए थे। रात-रातभर छत पर बैठे रहते, मां को याद करते थे, लेकिन जब से मां की मूर्ति बनवाकर लाए हैं सब बहुत खुश। मां की जीवंत मूर्ति आने से हमें उनके रहने का अहसास बना रहता है। मां की पोषाक और गहने समय-समय पर बदलते हैं, जिसमें भाभी रेखा सोनी भी मदद करती हैं, हर त्यौहार में मां के साथ फोटो-सेल्फी लेते हैं। मां तो हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी जीवंत प्रतिमा से उनकी मौजूदगी होनी की तसल्ली मिलती है।
अभिषेक के पिता सुरेश सोनी ने बताया उनके तीन बेटे, एक बेटी है, जिसमें बेटी रश्मि और बेटों में डॉ. गगन सोनी, आशीष सोनी और अभिषेक सबसे छोटा है। छोटे होने के कारण मां के प्रति लगाव ज्यादा रहा। शायद यही वजह रही की मां के देहांत के बाद अपनी सुदबुद खोकर डिप्रेशन में चला गया था। इसी बीच किसी को बिना बताए उसने सावित्री की मूर्ति बनवाई और घर लाया। मेरे साथ पूरा परिवार बहुत खुश हुआ। अभिषेक जैसे बेटे को पाकर सुरेश सोनी अपने आप को गौरांवित महसूस करते हैं।
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