सीधी जिले के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मंगलवार दोपहर 2 बजे से ग्राम कुबरी में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। यहां मुख्य रूप से ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन में प्रभावित किसानों की भूमि का मुआवजा दिए जाने की बात कही।
दरअसल ललितपुर से सिंगरौली रेल लाइन गुजर रही है जो सीधी जिले के कई गांवों को होकर निकलती है। यहां किसानों की भूमि तो रेलवे विभाग के अधिकारियों ने अधिग्रहित कर ली, लेकिन उन्हें मुआवजे की राशि नहीं दी गई है और ना ही अपने वादे के अनुसार नौकरी दी गई। इसके बाद पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने किसानों के साथ मिलकर आज धरना प्रदर्शन किया। यहां उन्होंने सभी को नौकरी के साथ ही साथ उचित मुआवजा दिए जाने की मांग रखी है।
पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राज में संविधान खतरे में है संवैधानिक संस्थाओं को समाप्त किया जा रहा है। किसानो की जमीन को हथिया लिया गया है, उनसे भेदभाव किया जा रहा है। शासन प्रशासन किसानों का अपमान कर किसानो के खड़ी फसलों को रौदकर, उनके घर को तोड़कर अन्नदाता को बेघर किया जा रहा है।
नौकरी का भी किया था वादा
रेलवे ने ललितपुर सिंगरौली रेल लाइन मे प्रभावित किसानों को मुआवजा के साथ नौकरी भी दिए जाने का रेलवे विभाग ने वादा किया था। जहां करीब सीधी जिले के 140 लोगों को नौकरी भी दी गई है। लेकिन अभी भी करीब साढे़ 300 किसान ऐसे हैं जिन्हें नौकरी नहीं दी गई। जिसके लिए उन्होंने कई बार सरकार को पत्र लिखा है और मुआवजे के साथ नौकरी की भी मांग की है।
30 जनवरी तक सभी को दे दी जाएगी मुआवजे की राशि
एसडीम एसपी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया है कि 30 जनवरी तक सभी बचे हुए किसानों को मुआवजे की राशि दे दी जाएगी इसके लिए कलेक्टर के साथ हम सभी ने मिलकर प्रपोजल तैयार किया है। इस आने वाली सूची में किसी भी किसान का नाम नहीं छूटा जाएगा। इसके बाद पूरे मंत्री ने शाम 5:30 बजे धरना प्रदर्शन खत्म किया।