गणतंत्र दिवस पर वैसे तो शहर में आज कई कार्यक्रम हुए लेकिन इन सबके बीच भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में युवाओं के लिए आई लव भारत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए जिन्हें इस्कॉन मंदिर के युवाओ द्वारा भारतीय संस्कृति को अपनाने के साथ ही नशे से दूर रहने की सलाह भी दी गई।
इस्कॉन मंदिर के बोर्ड मेंबर राघव पंडित दास ने बताया कि कुछ दिनों पहले आई लव मोहम्मद का एक नारा पूरे देश भर में गूंज रहा था। हमारे इस आयोजन की परिकल्पना यहीं से शुरू हुई। हमने गणतंत्र दिवस पर युवाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी, जिसका नाम आई लव भारत रखा गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना और नशे से दूर करना था। इस कार्यक्रम में हमें उज्जैन के लोगों का अच्छा सहयोग मिला। यही कारण है कि बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। यह कार्यक्रम उज्जैन में पहली बार आयोजित हुआ है, लेकिन अब इस तरह का आयोजन जल्द ही स्वतंत्रता दिवस पर अन्य स्थानों पर भी होगा। आपने बताया कि इस्कॉन मंदिर के कृष्ण किशोर व धीर गौर द्वारा कार्यक्रम में लोगों से बातचीत की गई और उन्हें यह समझाया गया कि भारतीय संस्कृति को अपनाना और नशे को छोड़ना आखिर कितना जरूरी है।
ये भी पढ़ें- सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले विजय शाह के ध्वज फहराने पर क्यों मचा बवाल? कांग्रेस इस बात से है खफा
यह है कार्यक्रम का उद्देश्य
बताया जाता है कि नशा-मुक्त भारत और युवा सशक्तिकरण की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तनाव, नशा, अवसाद एवं भटकाव से मुक्त कर एक सकारात्मक और मूल्यपरक जीवन की ओर प्रेरित करना था। यह आयोजन श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों पर आधारित रहा, जिसमे युवाओं को जीवन में स्थिरता एवं सफलता का मार्ग दिखाया गया।
आयोजन में यह हुआ
कार्यक्रम के अंतर्गत संदेश को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत करने के लिए नाटक, नृत्य, प्रेरणादायक भाषण, कीर्तन तथा वीडियो शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उज्जैन के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं कोचिंग संस्थानों से बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
अमेरिका में युवाओं को श्रीकृष्ण भक्ति से जोड़ा
अमेरिका की युवा शक्ति दम मारो दम से बुरी तरह प्रभावित थी। यह भारतीय संस्कृति का कमाल था कि इस्कॉन के श्रील प्रभुपाद ने उन्हें नशा मुक्त कर भारतीय परिवेश में लाकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जोड़ा और हिप्पी से हैप्पी बनाया।