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जालंधर में रेस्टोरेंट-होटल होंगे ‘फायरआर्म-फ्री जोन’, पुलिस ने संचालकों से मांगा सहयोग, बैठक में उठे कई मुद्दे
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नई पहल पर जोर दिया है। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, IPS के दिशा-निर्देशों पर रेस्टोरेंट, होटल, बार, कैफे और अन्य ईटरी संचालकों के साथ कॉन्फ्रेंस हॉल में महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस व कारोबारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत जारी निर्देशों के अनुसार शहर के रेस्टोरेंट, होटल, बार, कैफे और अन्य ईटरी को ‘फायरआर्म-फ्री जोन’ के रूप में रजिस्टर करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल के तहत जो प्रतिष्ठान खुद को फायरआर्म-फ्री जोन के रूप में रजिस्टर करवाएंगे, वहां हथियार लेकर आने पर प्रतिबंध रहेगा। संबंधित प्रतिष्ठानों को इस प्रतिबंध की जानकारी देने वाले स्पष्ट और प्रमुख नोटिस अंदर और बाहर लगाना अनिवार्य होगा। पुलिस के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य लापरवाही या जानबूझकर की गई फायरिंग, रोड रेज और आपसी विवादों को गंभीर घटनाओं में बदलने से रोकना तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। कमिश्नरेट पुलिस की ओर से विभिन्न रेस्टोरेंट, होटल, बार और कैफे संचालकों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी की गईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पहल की आवश्यकता और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के उपायों की जानकारी दी। कारोबारियों ने भी अपने सुझाव और चिंताएं पुलिस के सामने रखीं।
बैठक में ट्रैफिक, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खासकर कैफे और रेस्टोरेंट में आने वाले युवाओं और परिवारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और कारोबारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठान मालिकों और मैनेजरों से अपील की कि वे इस पहल में सक्रिय सहयोग करें और अपने संस्थानों को ‘फायरआर्म-फ्री जोन’ के रूप में रजिस्टर करवाकर शहर में सुरक्षित माहौल बनाए रखने में योगदान दें।
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