Hindi News
›
Video
›
Rajasthan
›
Alwar News
›
Alwar: Tripuleshwar Mahadev Temple is 300 years old, Shivalinga changes color, shops open only after Aarti
{"_id":"67bea7fed60961807b057cc0","slug":"the-entire-city-has-faith-in-the-mahadev-temple-located-in-tripoliya-alwar-news-c-1-1-noi1339-2668365-2025-02-26","type":"video","status":"publish","title_hn":"Alwar: तीन सौ साल पुराना है त्रिपुलेश्वर महादेव मंदिर, शिवलिंग बदलता है रंग, आरती के बाद ही खुलती हैं दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Alwar: तीन सौ साल पुराना है त्रिपुलेश्वर महादेव मंदिर, शिवलिंग बदलता है रंग, आरती के बाद ही खुलती हैं दुकानें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: अलवर ब्यूरो Updated Wed, 26 Feb 2025 11:55 AM IST
Link Copied
शहर के हृदय स्थल में स्थित त्रिपुलेश्वर महादेव मंदिर सैकड़ों वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर लगभग 300 से 400 साल पुराना है और अलवर के रियासतकाल में इसका निर्माण कराया गया था। त्रिपोलिया परिसर में स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण भक्तों को आकर्षित करता है। यहां स्थित शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है, जो इसे अन्य शिवालयों से अलग बनाता है।
श्रद्धालुओं के अनुसार त्रिपोलिया मंदिर के शिवलिंग की यह अनोखी खासियत है कि यह दिन में तीन बार रंग बदलता है। इसी वजह से यहां दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। भक्तगण सुबह से लेकर दोपहर 3 बजे तक जलाभिषेक करते हैं। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई कर महादेव का भव्य शृंगार किया जाता है। यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है।
माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है और अलवर के राजा-महाराजाओं के समय में इसका निर्माण हुआ था। मंदिर में नर्भदेश्वर शिवलिंग स्थापित है, जिनकी प्रतिदिन विभिन्न रूपों में झांकियां सजाई जाती हैं। मंदिर में सुबह 2 बजे मंदिर के द्वार खुलते हैं और 4 बजे, 6 बजे, संध्या आरती और रात में शयन आरती होती है। आरती के समय सैकड़ों भक्तगण भगवान शिव की आराधना करते हैं।
त्रिपुलेश्वर महादेव मंदिर के प्रति लोगों की इतनी गहरी आस्था है कि आसपास के दुकानदार आरती के बाद ही अपनी दुकानों को खोलते हैं। वे मंदिर के गोमुख से जल लाकर अपनी दुकानों के सामने छिड़काव करते हैं, ताकि भगवान शिव का आशीर्वाद उन पर बना रहे। मंदिर में शिव और शक्ति के रूप में अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर इस ज्योत में घी अर्पित करते हैं। यह परंपरा मंदिर की स्थापना के समय से ही चली आ रही है।
मंदिर की महिमा और शिवलिंग के रंग बदलने की अद्भुत विशेषता के चलते श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं। नगर निगम सुपरवाइजर शिवराज अग्रवाल ने बताया कि इस मंदिर की मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। महाशिवरात्रि और अन्य विशेष अवसरों पर यहां भव्य आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।