शहर के शालीमार क्षेत्र में बुधवार सुबह एक युवती संदिग्ध हालत में मिली। जिसे लेकर मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों देवेंद्र छाबड़ा (जिला उपाध्यक्ष) और प्रेम गुप्ता (शहर मंत्री) को सुबह करीब 10 बजे जयपुर से सूचना मिली कि शालीमार के पास एक लड़की अकेली घूम रही है और मानसिक रूप से बेहद डरी हुई है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस युवती को थाने ले गई और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि वह मूल रूप से कश्मीर की रहने वाली है और करीब तीन साल पहले उसे जबरन एक ट्रक में बैठाकर राजस्थान के अलवर में लाया गया था। यहां उसकी शादी करवाई गई। उसको एक बच्ची भी हुई। इसके बाद उसे तिजारा के पास स्थित शेखपुर गांव में एक गूंगे व्यक्ति को बेच दिया गया। वहां उसके साथ जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई। युवती ने बताया कि वह शेखपुर गांव से किसी तरह भागकर अलवर पहुंची, जहां शालीमार क्षेत्र में वह लावारिस स्थिति में देखी गई। नाबालिग होने की आशंका के चलते युवती की उम्र के लिए उसका मेडिकल भी कराया जाएगा।
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विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार, युवती की उम्र नाबालिग जैसी प्रतीत हो रही है, लेकिन सही उम्र का निर्धारण आधार कार्ड और मेडिकल परीक्षण के बाद ही किया जाएगा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती को संरक्षण में ले लिया है और मानव तस्करी, जबरन विवाह, बाल विवाह और धर्म परिवर्तन के एंगल से गहन जांच शुरू कर दी है। युवती द्वारा बताए गये स्थानों की भी पुष्टि की जा रही है। कुल मिलाकर युवती ने रिपोर्ट भी दर्ज कर दी है और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।