बाड़मेर के श्री पथमेड़ा गोचिकित्सालय में बुधवार को गोपाष्टमी पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गोमाता को छप्पन भोग का गोग्रास अर्पित किया गया, जिसमें भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत गंगा मैया गोमाता की समाधि पर ध्वजा चढ़ाकर की गई। इसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। गोमाता को लापसी, चाटा, राब और अन्य पौष्टिक व्यंजनों सहित विविध प्रसाद अर्पित किए गए।
आहार में पांच प्रकार का हरा और सूखा चारा, दस तरह के अनाज (दाल, गेहूं, बाजरा, जौ, मक्का आदि), पौष्टिक आहार, हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे और घी-तेल शामिल थे। इसके अलावा तिल, हल्दी, मेथी, गुड़, नारियल गोटा, सांगरी और तुंबा जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों से भी गोग्रास अर्पित किया गया। इस अवसर पर लम्पी महामारी के निवारण हेतु पंडित समर्थ दवे के सान्निध्य में गोयज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में उज्ज्वल आलोक सिंघल और कंवराजसिंह सपत्नी यजमान के रूप में शामिल हुए।
ये भी पढ़ें- जेल में देश प्रेम का नवाचार: यहां 400 कैदियों ने बनाया भारत का विशाल नक्शा, सरदार पटेल को दी अनोखी श्रद्धांजलि
भक्तिमय वातावरण में चेलाराम प्रजापत एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत गो-भजनों और संकीर्तन ने माहौल को भावनात्मक बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गोभक्तों ने भाग लेकर गोसेवा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्री पथमेड़ा गोचिकित्सालय के महासचिव आनंद पुरोहित ने सभी गोभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन गोमाता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और सेवा भाव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।