जिले के शोभासर क्षेत्र से एक सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क किनारे दो शव मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी श्रवण दास संत थाना और मुक्ताप्रसाद थाना अधिकारी विक्रम मौके पर पहुंचे। आशंका जताई जा रही है कि तंत्र-मंत्र से रुपए डबल करने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।
इस मामले में तांत्रिक ने अपने दो साथियों सहित एक अन्य एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि अजमेर निवासी शैतान सिंह खुद को तांत्रिक बताकर अपने पांच-छह साथियों के साथ खाजूवाला आया। उसने गफार खां नामक व्यक्ति को झांसे में लिया, जो जमीनों की दलाली करता था। पहले छोटी रकम को डबल कर गफार का विश्वास जीता लिया उसने इन लोगों को लालच में लेकर 50 हजार को एक लाख, फिर एक लाख को दो लाख बनाया।
इसके बाद उसने गफार खां, सलमान खां और राजेन्द्र पूनियां से मिलकर करीब 50 लाख रुपए एकत्रित किए, जिसमें खाजूवाला के एक डॉक्टर के 45 लाख रुपए भी शामिल थे। गुरुवार रात को तंत्र-मंत्र की आड़ में गफार के घर पर 'क्रिया' की गई। इसी दौरान हलवे में नशीली गोलियां मिलाकर तीनों को बेहोश किया गया। इसी बीच पुलिस को शोभासर रोड पर दो शव मिलने की सूचना मिली, जिनमें से दो की पहचान शैतान सिंह और विक्रम के रूप में हुई है।
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बताया जा रहा है कि ये दोनों तांत्रिक के सहयोगी के रूप में यहां कार्य कर रहे थे और तांत्रिक ने इन्हें भी जहर का हलवा देकर मार डाला, जबकि गफ्फार ने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं राजेन्द्र और सलमान का पीबीएम अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने शवों को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया है। पुलिस ने देर रात मेड़ता रेलवे स्टेशन से जोधपुर निवासी रामस्वरूप झारखंड निवासी मनोज वर्मा को पकड़ लिया।
इस पूरे मामले का मास्टर माइंड फरार तांत्रिक एम शिवा की तलाश के लिए टीमें रवाना की गई हैं। यह पूरा मामला अंधविश्वास, लालच और संगठित अपराध की मिसाल है, जहां तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हुआ। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।