जालौर जिले के रानीवाड़ा उपखंड में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। करड़ा थाना क्षेत्र के सांतरू वन क्षेत्र में हुई इस घटना में अवैध रूप से पत्थर परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को रोकने पर आरोपियों ने वनकर्मियों से मारपीट की और उन्हें डराने के लिए ट्रैक्टर चढ़ाने का भी प्रयास किया। घटना के बाद करड़ा पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों सहित 15–20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
गश्त के दौरान पकड़ा गया अवैध पत्थर से भरा ट्रैक्टर
जानकारी के अनुसार रानीवाड़ा रेंज के अंतर्गत पाल नाका क्षेत्र में वनपाल नाका प्रभारी रामनारायण विश्नोई अपनी टीम के वनरक्षक विकास विश्नोई, राकेश कुमार और ओमप्रकाश के साथ बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान सांतरू वन क्षेत्र से बाडू पत्थर से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आता दिखाई दिया। टीम ने ट्रैक्टर को रुकवाया, जिस पर चालक ने अपना नाम सांतरू निवासी नवाराम पुत्र पीथाराम देवासी बताया।
फोन कर बुलाए साथी, वनकर्मियों पर हमला
ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद चालक नवाराम ने फोन कर अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में 15 से 20 लोग मौके पर पहुंच गए और आते ही वनकर्मियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने वनकर्मियों का कॉलर पकड़कर नीचे गिराया, धक्का-मुक्की की और मारपीट की।
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आधा माल खाली कर भागने की कोशिश
हमलावरों ने जबरन ट्रैक्टर स्टार्ट कर मौके पर ही आधे पत्थर खाली कर दिए। इसके साथ ही दहशत फैलाने के उद्देश्य से वनकर्मियों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने का भी प्रयास किया गया। हालात बेकाबू होते देख वन विभाग की टीम को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही करड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दांतवाड़ा से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
6 नामजद, 15-20 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज
वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर करड़ा पुलिस ने ट्रैक्टर चालक नवाराम देवासी सहित बगदाराम, जामताराम, वचनाराम, गोवाराम और रमेश सभी निवासी सांतरू को नामजद किया है। इसके अलावा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन और सरकारी कर्मचारियों पर हमले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।