कृषि विश्वविद्यालय के किसान कौशल विकास केंद्र में चल रहे सात दिवसीय ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन गुरुवार को हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उदय भानु चारण थे। कार्यक्रम में अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने की, जबकि मंतरेश सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही। इस दौरान कुलपति ने पीएम नरेंद्र मोदी एवं राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर को ड्रोन पायलट ट्रेनिंग के लिए स्वीकृति मिली। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नित नए नवाचार हो रहे हैं, ऐसे में ड्रोन भी खेती में क्रांतिकारी भूमिका निभायेगा। उन्होंने ट्रेनिंग के प्रथम बैच के प्रतिभागियों से ट्रेनिंग के अनुभव के बारे में चर्चा की एवं प्रशिक्षकों का विशेष आभार भी जताया। उन्होंने ट्रेनिंग के अगले बैच में प्रतिभागियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त सुविधाओं को उपलब्ध करवाने की स्वीकृति भी दी।
प्रगतिशील किसानों के कारण हुई कृषि क्रांति
इस मौके पर उदयभानू चारण ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में जो कृषि क्रांति आई है वह प्रगतिशील किसानों की कृषि नवाचारों को अपनाने की वजह से आई है। ऐसे में कृषकों में ड्रोन को उड़ाना सीखने की लगन होना बेहद काबिल-ए-तारीफ है। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को कुशल बनाने वाले प्रशिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए मंतरेश सिंह ने कहा कि ड्रोन उड़ाना एक बेहतरीन एवं रोमांचकारी अनुभव रहा। प्रशिक्षण के दौरान कृषक, ड्रोन के तकनीकी पहलुओं से भी रूबरू हुए, यह भविष्य में काफी सहायक सिद्ध होगा। कुलसचिव अंजली यादव ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय नवाचारों की श्रेणी में अग्रणी है। पश्चिमी राजस्थान के किसानों को ड्रोन उड़ाना सीखाना इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने किसानों को ड्रोन के समुचित एवं सावधानी पूर्वक उपयोग की सलाह दी। प्रशिक्षण के सहयोगी संस्थान रेड बर्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की और से पायलट सौरभ कुमार गुप्ता ने सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की गतिविधियों को लघु फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रसार शिक्षा निदेशक व ड्रोन प्रोजेक्ट निदेशक डॉ प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए इस नवाचार के लिए कुलपति का विशेष आभार जताया। समारोह के अंत में प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। समारोह के दौरान सहयोगी संस्थाएं रेड बर्ड एवं विसरोन प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षक एवं सदस्य, काजरी के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. डी कुमार, राजेंद्र कलवानिया सहित विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, निदेशक एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।