जोधपुर में आज राजस्थान युवा कांग्रेस की ओर से निकाली गई मनरेगा बचाओ महासंग्राम पदयात्रा प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और हंगामे में बदल गई। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ज्ञापन सौंपने को लेकर तीखी नोकझोंक हुई, और प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अभिमन्यु पूनिया ने एसडीएम पंकज जैन के सामने ज्ञापन फाड़कर फेंक दिया।
युवा कांग्रेस ने निकाली थी पदयात्रा
राजस्थान युवा कांग्रेस की ओर से मनरेगा से जुड़े मुद्दों को लेकर दोपहर करीब 1 बजे राजीव गांधी सर्किल, नई सड़क से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पदयात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।
1 घंटे के इंतजार के बाद भी बाहर नहीं आए एसडीएम
जैसे ही पदयात्रा कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पहुंची, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर और अतिरिक्त कलेक्टर को गेट पर आकर ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए बाहर आ जाएंगे। करीब एक घंटे तक इंतजार के बावजूद एसडीएम बाहर नहीं आए, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और नारेबाजी शुरू हो गई।
ज्ञापन एसडीएम के मुंह पर फाड़कर फेंका
नारेबाजी की जानकारी जैसे ही एसडीएम पंकज जैन को हुई तो वह अपने चैंबर से बाहर आए और गेट के पास ज्ञापन लेने पहुंचे। इसी दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रशासन के बीच बहस तेज हो गई। आरोप है कि एसडीएम ने गेट से बाहर आकर नेताओं के बीच आने से इनकार किया, जिससे माहौल और गरम हो गया। इसी दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी की मौजूदगी में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने मनरेगा से संबंधित मांगों वाला ज्ञापन फाड़कर एसडीएम के मुंह की ओर फेंक दिया।
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कमिश्नर लगातार करते रहे निगरानी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें जानबूझकर कलेक्ट्रेट के बाहर रोका गया और सम्मानपूर्वक ज्ञापन देने की बजाय प्रशासन ने टालमटोल की। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल प्रतिनिधिमंडल को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश लगातार मौके की निगरानी करते रहे।