जिले में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। देर रात से जारी तेज बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में नदियां और नाले ऊफान पर आ गए हैं। कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, जिससे आवाजाही ठप हो गई है।
कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 2.90 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और निचले इलाकों में पानी भर गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी कर दिया है।
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रामगंज मंडी क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सुकेत स्टेट हाईवे पर खाल का पानी सड़क पर आ गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। कई बस्तियां जलभराव की चपेट में हैं। रेस्क्यू टीम रातभर से मौके पर तैनात है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वही लगातार हो रही बारिश के बाद कुंभकोट, चारणबस्ती समेत कई बस्तियों में कच्चे और पक्के मकान में पानी घुस गया है। ऐसे में अचानक आए बारिश के पानी से लोग अपने घरों के सामान भी नहीं बचा पाए।
चंबल नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांध से भी पानी छोड़ा गया है। बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खाई रोड क्षेत्र में यातायात बंद कर दिया गया है। रियासतकालीन पुलिया के दोनों छोर पर बैरिकेड्स लगाकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस्माइल चौक, नयापुरा, खंडगांवड़ी और खेड़ली फाटक जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों से ऊपरी इलाकों में शिफ्ट होने की अपील की है।