सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर बड़ी सामने आई है। फलौदी रेंज में विचरण करने वाले करीब साढ़े चार साल के युवा टाइगर टी-2402 की टेरिटोरियल फाइट में मौत हो गई। यह टाइगर प्रसिद्ध बाघिन टी-99 का बेटा था।
500 फीट ऊंची पहाड़ी पर मिला शव
वन अधिकारियों के अनुसार, टाइगर का शव हिंदवाड़ क्षेत्र की करीब 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर क्षत-विक्षत हालत में मिला। कड़ी मशक्कत के बाद शव को नीचे उतारकर राजबाग वन चौकी लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए गाइडलाइन के तहत प्रशासनिक और वन अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
टाइगर के साथ संघर्ष में गई जान
रणथंभौर के फील्ड डायरेक्टर शारदा प्रताप सिंह और उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि यह घटना संभवतः क्षेत्रीय संघर्ष का परिणाम है। जिस इलाके में टी-2402 सक्रिय था, वहां टाइगर टी-108 और टी-2310 का भी मूवमेंट देखा जाता है। आशंका है कि इन्हीं में से किसी टाइगर के साथ हुए संघर्ष में उसकी मौत हुई।
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पोस्टमार्टम के बाद मौत कारणों की पुष्टि
अधिकारियों का कहना है कि दो युवा टाइगर अपने-अपने क्षेत्र स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे टेरिटरी को लेकर टकराव होना स्वाभाविक था। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पूरी पुष्टि हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि संरक्षित क्षेत्रों में बाघों की बढ़ती संख्या जहां संरक्षण की सफलता है, वहीं सीमित क्षेत्र को लेकर संघर्ष भी बड़ा खतरा बन रहा है। वन विभाग मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है।