सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Rajasthan ›   Kota News ›   Tigress MT-7 who has moved from enclosure to open forest will now hunt freely

Kota: कैद से आजादी तक; मुकुंदरा के जंगल में लौटी बाघिन MT-7, अब खुद करेगी शिकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Wed, 29 Apr 2026 09:44 AM IST
विज्ञापन
सार

Kota: कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन MT-7 को लंबे समय बाद एंक्लोजर से निकालकर खुले जंगल में हार्ड रिलीज किया गया है। यह प्रदेश की पहली रिवाइल्ड बाघिन है, जिसे वन्यजीव कर्मियों ने शिकार करना सिखाया। एनटीसीए के निर्देश पर छोड़ी गई इस बाघिन की कैमरा ट्रैप और रेडियो टेलीमेट्री से निगरानी की जा रही है।

Tigress MT-7 who has moved from enclosure to open forest will now hunt freely
एंक्लोजर से बाहर निकली बाघिन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान के कोटा जिले में स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन MT-7 को एंक्लोजर से हार्ड रिलीज कर दिया गया है। यह बाघिन पिछले करीब डेढ़ साल से एक छोटे एंक्लोजर में रह रही थी। इसे आजाद करने की मांग वन्यजीव प्रेमी लंबे समय से कर रहे थे। यह प्रदेश की पहली ‘रिवाइल्ड’ बाघिन है, जिसे वन्यजीव कर्मियों ने शिकार करना सिखाया है।

Trending Videos

NTCA के निर्देश पर किया गया हार्ड रिलीज

विज्ञापन
विज्ञापन
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन और फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट ने बताया कि NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के निर्देश के बाद बाघिन को जंगल में छोड़ा गया है।

जंगल में पहुंचते ही शुरू हुआ प्राकृतिक व्यवहार

एंक्लोजर से बाहर निकलते ही बाघिन जंगल की ओर चली गई। इस दौरान उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब तक के अवलोकन में बाघिन को सफलतापूर्वक शिकार करते हुए पाया गया है और उसे जंगल में रहने के लिए पूरी तरह अनुकूल माना गया है। बाघिन की निगरानी कैमरा ट्रैप और रेडियो टेलीमेट्री के माध्यम से की जा रही है, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

दोनों शावक हो गए थे अनाथ
सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि वर्ष 2023 में ढाई महीने की उम्र में अनाथ होने पर एक नर और एक मादा शावक को आभेडा बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया गया था। उनकी मां टी-114 की सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद नर शावक को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में और मादा शावक MT-7 को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया।

ये भी पढ़ें: शर्मनाक! स्कूल में मास्टर साहब लोग सोते रहे, 40°C में बच्चे ढोते रहे बर्तन, नागौर स्कूल का काला सच

एंक्लोजर से खुले जंगल तक का सफर
यहां पहले उसे 5 हेक्टेयर और बाद में 21 हेक्टेयर के एंक्लोजर में रखा गया था, लेकिन अब उसे खुले जंगल में छोड़ दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed