राजस्थान के सीकर शहर में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में शुक्रवार को पूर्ण बंद रहा। स्थानीय व्यापारियों ने स्वतःस्फूर्त रूप से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा, वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में बंद को प्रभावी बनाने के लिए लोगों से लगातार अपील की। इस दौरान फतेहपुर रोड पर सब्जी के ठेलों को बंद कराने को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनातनी देखने को मिली।
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सुबह से ही सीकर के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने आतंकवादी हमले के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए अपने दुकानें और प्रतिष्ठान नहीं खोले। बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और लोगों से बंद में सहयोग करने की अपील की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से अपने कारोबार बंद करने का अनुरोध किया।
इसी दौरान फतेहपुर रोड पर सब्जी के ठेलों को बंद कराने के मुद्दे पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। दरअसल, बजरंग दल के कई कार्यकर्ता सड़क पर ठेलों को हटाने के लिए उतारू हो गए, जिसका स्थानीय पुलिस ने विरोध किया। इस घटना से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन बहस बढ़ने पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और समझाइश के बाद मामला शांत हो गया।
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स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बंद को समर्थन देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह एकजुटता जरूरी है। बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य शांति से बंद कराना था, ताकि देश में आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाए। वहीं, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए शहर में अतिरिक्त बल तैनात किया। बंद के कारण सीकर में जनजीवन प्रभावित रहा। बाजारों में सन्नाटा और सड़कों पर आवाजाही कम रही। प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए थे।