सिरोही ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में महाशिवरात्रि पर्व पर 89वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शांतिवन परिसर को विशेष रूप से शिव ध्वज से सजाया गया। 101 वर्षीय मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी व राजयोगिनी जयंती दीदी, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी ने सौ फीट ऊंचे शिव ध्वज को फहराकर शिव जयंती की बधाई दी। इस मौके पर राजस्थान एवं कर्नाटक से आए 15 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे। शिव ध्वज के नीचे सभी को नकारात्मक विचारों, दुर्गुणों व बुराइयों से दूर रहने और सभी के प्रति शुभ भावना एवं शुभकामना रखने का संकल्प कराया गया।
महोत्सव में अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने कहा कि आज के दिन विश्वभर के 140 देशों के सेवाकेंद्रों पर शिव झंडा लहराया जा रहा है। आज का दिन विशेष रूप से सभी सेवाकेंद्रों पर शिव जयंती के रूप में मनाया जाता है। परमात्मा की हम बच्चों से यही आशा है कि सदा दृढ़ता की चाबी से आगे बढ़ते रहें। दृढ़ता के साथ तीव्र पुरुषार्थ करें तो आगे बढ़ते रहेंगे। हमने जो बाबा से वायदा किया है, तो आज यह प्रतिज्ञा करते हैं कि सदा समर्थ सोचेंगे, सदा समर्थ कर्म करेंगे।
इस अवसर पर बीके आत्मप्रकाश भाई, जयपुर सबजोन की निदेशिका बीके सुषमा दीदी, बीके गीता दीदी, बीके शारदा दीदी, बीके रुक्मिणी दीदी, राजापार्क जयपुर की बीके पूनम दीदी, वरिष्ठ राजयोगी बीके प्रकाश भाई सहित हजारों लोग मौजूद रहे। मधुरवाणी ग्रुप के गायक बीके सतीश व टीम ने संगीत प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय गायक हरीश मोयल ने शिव बाबा का गीत प्रस्तुत किया। संचालन बीके सुधीर भाई ने किया।
सतधर्म की स्थापना के कार्य में सदा सहयोगी रहें
अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य 89 वर्ष तक पहुंच गया है। दुनिया परिवर्तन का यह कार्य निरंतर जारी है। सतधर्म की स्थापना के कार्य में सदा शिव बाबा के सहयोगी बनकर आगे बढ़ते रहें। संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी ने कहा कि हम बच्चों का फर्ज है कि परमात्मा का दिव्य संदेश दुनियाभर में देना है। लोगों को दुख-दर्द से बाहर निकलने का रास्ता बताना है। परमात्मा इस धरा पर आ चुके हैं, यह संदेश सभी को बताना है।
परमात्मा की आस को पूरा करके रहेंगे
अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि हम कितने भाग्यशाली हैं कि परमात्मा के महावाक्य सुनने का अवसर मिलता है। अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि आज के दिन सभी प्रतिज्ञा करें कि परमात्मा की जो हम सभी से आस है, उसे पूरा करके ही रहेंगे। सभी संकल्प करें कि सदा शिव बाबा का गुणगान करते हुए आगे बढ़ते रहेंगे। परमात्मा की शुभ आस है कि जो भी आपके पास आए, वह गुण ग्रहण करके और खुशी लेकर जाए।