श्रीगंगानगर पुलिस ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रंगदारी वसूली के बड़े नेटवर्क पर प्रहार किया है। श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक लग्जरी कार से 91 लाख रुपये नकद बरामद किए, जो जोधपुर से रंगदारी की रकम के रूप में लाई जा रही थी। इस कार्रवाई में तीन कैरियर गिरफ्तार हुए, जबकि पूछताछ में गैंग के कई गुर्गों के नाम सामने आए। पुलिस का दावा है कि यह राज्य में संगठित अपराध की आर्थिक चेन तक पहुंचने वाली पहली बड़ी सफलता है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया कि 29 दिसंबर की रात श्रीविजयनगर रोड पर नाकाबंदी के दौरान इनोवा क्रिस्टा कार को रोका गया। कार में सवार कुलदीप कुमार (50), अमन कुमार (20) और रामस्वरूप (38) से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गाड़ी की तलाशी में तीन बैग से 91 लाख रुपये बरामद हुए। कार भी जब्त कर ली गई।
पूछताछ में कुलदीप ने कबूला कि उसके बेटे योगेश के कहने पर जोधपुर से जयराम जांदू नाम के व्यक्ति से यह रकम ली गई थी। योगेश को हिरासत में लिए जाने पर पता चला कि वह अबोहर निवासी साहिल बिश्नोई उर्फ शंटी के संपर्क में था। शंटी गैंगस्टर अंकित भादू का करीबी है और पहले आरजू बिश्नोई के साथ जेल में बंद रहा। जेल में ही कुलदीप के भांजे अक्षय से उसकी मुलाकात हुई, जो बाद में रंगदारी की चेन संभालने लगा।
एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि गैंग विदेश बैठे सदस्यों से धमकियां दिलवाता था। रकम USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के जरिए आती थी। गरीब लोगों के नाम पर म्यूल अकाउंट खुलवाकर USDT खरीदते और बेचकर कैश लेते। ऐसे लोगों को चुनते जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो। यह पैसा हथियार खरीदने और फरार गुर्गों की मदद में इस्तेमाल होता था।
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पुलिस ने योगेश, साहिल बिश्नोई उर्फ शंटी के बहनोई मनीष बिश्नोई समेत कुल सात लोगों को हिरासत में लिया। फाजिल्का, जोधपुर, रायसिंहनगर के सावंतसर और कामावास गांव व हनुमानगढ़ के संदिग्धों से गहन पूछताछ जारी है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर व बीकानेर के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच सौंपी गई है। आयकर विभाग व अन्य एजेंसियों से संयुक्त जांच की तैयारी है।
डॉ. दुहन ने कहा कि यह राज्य में पहली कार्रवाई है जहां संगठित अपराध की आर्थिक चेन तक पहुंचे हैं। पहले सिर्फ शूटर्स पकड़े जाते थे, लेकिन अब फाइनेंशियल नेटवर्क को तोड़ रहे हैं। रायसिंहनगर थाने में नो एंट्री लगी रही, विभिन्न जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
यह कार्रवाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर राजस्थान पुलिस के लगातार शिकंजे का हिस्सा है, जो रंगदारी, फायरिंग और धमकियों से दहशत फैलाता रहा है। पुलिस का मानना है कि आगे और बड़े खुलासे होंगे, जो गैंग के जोधपुर से पंजाब तक फैले नेटवर्क को पूरी तरह बेनकाब कर देंगे।